फॉण्ट कनवर्टर NEW

सुरक्षा हटते ही पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने अमित शाह से लगाई गुहार

Jamshedpur news: झारखंड के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुलाल भुईयाँ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था पुनः बहाल करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि झारखंड सरकार द्वारा पूर्व में उपलब्ध

अपनी भाषा में पढ़ें

Jamshedpur news:  झारखंड के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुलाल भुईयाँ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था पुनः बहाल करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि झारखंड सरकार द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराए गए चार सशस्त्र पुलिस जवानों की सुरक्षा हाल ही में समाप्त कर दी गई, जिससे उनकी जान-माल पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

19 मई 2026 को लिखे गए पत्र में दुलाल भुईयां ने खुद को अखिल भारतीय भुईयां समाज कल्याण समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष, तीन बार विधायक और दो बार मंत्री बताते हुए कहा है कि वे लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के नक्सल प्रभावित और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के कारण उन्हें हमेशा सुरक्षा जोखिम बना रहता है।

पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के पटमदा, बोड़ाम तथा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से लगे इलाकों में उनकी नियमित आवाजाही रहती है। उन्होंने कहा कि ये इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं और यहां कई बार पुलिस-नक्सली मुठभेड़ भी हो चुकी है। दुलाल भुईयां ने कोल्हान, संथाल परगना, हजारीबाग और पलामू प्रमंडल को भी संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा कि वहां भी उनके सामाजिक कार्यक्रम लगातार चलते रहते हैं।

उन्होंने पत्र में दावा किया कि उनके कई सहयोगियों की नक्सली घटनाओं में हत्या हो चुकी है। इनमें सतीनाथ मोहंती, डोरेन सिंह मुंडा और पूरनो सिंह जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक चिकित्सक साथी समेत कई निर्दोष लोगों की भी नक्सलियों द्वारा हत्या की जा चुकी है और ये सभी घटनाएं उनके विधानसभा क्षेत्र में हुई थीं। इन घटनाओं के कारण पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

दुलाल भुईयां ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार के खिलाफ एक बड़ी रैली आयोजित करने के बाद उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के सुरक्षा हटाए जाने से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता होने के कारण राज्य सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

पत्र में उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर वे कई बार झारखंड के डीजीपी, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव और गृह सचिव से मुलाकात एवं पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

पूर्व मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि क्षेत्र की संवेदनशीलता और संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें पूर्व की तरह चार सशस्त्र पुलिस जवानों सहित पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे निर्भय होकर सामाजिक और जनहित के कार्य जारी रख सकें।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram