Dehradun: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ एंगल की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी इस मामले में अभिनेत्री उर्मिला सनावर का पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराना चाहती है। इस सिलसिले में उर्मिला सनावर को 23 अक्टूबर को देहरादून स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) की अदालत में पेश होने के लिए औपचारिक नोटिस जारी किया गया है। अदालत में मुख्य रूप से यह परखा जाएगा कि उर्मिला इन वैज्ञानिक परीक्षणों के लिए बिना किसी दबाव या प्रभाव के स्वेच्छा से अपनी सहमति दे रही हैं या नहीं।
सहारनपुर स्थित आवास पर सीबीआई ने सौंपा नोटिस
सीबीआई की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचकर उर्मिला सनावर के आवास पर यह अदालती नोटिस तामील कराया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) संदीप सिंह भंडारी द्वारा जारी इस नोटिस में उन्हें 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से पूर्व संबंधित व्यक्ति की स्वतंत्र सहमति अदालत के समक्ष दर्ज होना अनिवार्य है, ताकि बाद में कानूनी अड़चन पैदा न हो।
कथित वीआईपी एंगल और ऑडियो-वीडियो विवाद
अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद से ही यह मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। उर्मिला सनावर से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया था। हालांकि, उर्मिला पहले ही सार्वजनिक तौर पर इन परीक्षणों से गुजरने की इच्छा जता चुकी हैं। सीबीआई का मानना है कि नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए मामले के अनसुलझे पहलुओं, कड़ियों और कथित वीआईपी की वास्तविक पहचान से पर्दा उठाने में ठोस मदद मिल सकती है।





