अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Washington, USA: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान जल्द बातचीत की मेज पर नहीं लौटता है तो अमेरिका अगले सप्ताह से उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच पहले हुए युद्धविराम समझौते को लेकर भी विवाद गहराता दिखाई दे रहा है।
एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुलों समेत अन्य बुनियादी ढांचे पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रह सकती है, जब तक समझौते की दिशा में प्रगति नहीं होती।
अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज होने का दावा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना लगातार चौथे दिन ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई कर रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में नाकेबंदी दोबारा लागू की गई है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका ने क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इससे होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने समझौता तोड़ने का लगाया आरोप
ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने अमेरिका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, अमेरिका ने दोबारा नाकेबंदी लागू कर समझौते की शर्तों से पीछे हटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ईरान आर्थिक और सैन्य दबाव के बीच किसी भी वार्ता में वापस नहीं लौटेगा। दोनों देश एक-दूसरे पर समझौता तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
युद्धविराम पर फिर बढ़ा विवाद
मूल जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था। इसके बाद 17 जून को 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसके तहत हमले रोकने और परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत का प्रावधान था। अब दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह वार्ता रुक गई है। बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल और ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

