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गाजा में 400 से अधिक फिलिस्तीनी की मौत के बाद बोले नेतन्याहू… ‘ये तो हमले की शुरुआत है’

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World News: इजरायल की सेना ने आज सुबह से गाजा पट्टी पर ताबड़तोड़ बमबारी शुरू कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप 400 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 500 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, और यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। पूरा इलाका एक बार फिर तबाह हो गया है और स्थानीय अधिकारी रक्तदान की अपील कर रहे हैं।

इजरायल की बमबारी बिना किसी चेतावनी के की गई, जिससे कई फिलिस्तीनी नागरिक अचानक मलबे के नीचे दब गए। इस दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें लोग मरे हुए शवों और मलबे के नीचे दबे अपने रिश्तेदारों को ढूंढते हुए दिखाई दे रहे हैं।

नेतन्याहू ने क्या कहा?

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में मंगलवार को हुए हमले सिर्फ शुरुआत हैं और हमास के साथ भविष्य में बंधकों की रिहाई से जुड़ी सभी बातचीत गोलीबारी के बीच होगी। इजरायल और हमास के बीच लगभग दो महीने तक युद्धविराम चला, लेकिन गाजा पर हमले के बाद यह टूट गया।

नेतन्याहू ने कहा कि हमास ने बंधक रिहाई का पहला चरण खत्म होने के बाद अभी भी 59 लोगों को रिहा करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इनमें से 24 के जिंदा होने की उम्मीद है। वर्तमान में इजरायल केवल हवाई हमला कर रहा है, लेकिन चैनल 12 ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अधिकारी गाजा में फिर से जमीनी हमले के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि अगर हमास अगले कुछ दिनों में बातचीत के लिए तैयार नहीं होता तो यह ऑपरेशन और भी तेज हो जाएगा।

इजरायल के राष्ट्रीय चैनल पर नेतन्याहू का पहले से रिकॉर्ड बयान चलाया गया। नेतन्याहू ने इसमें दोहराया कि इजरायल तब तक हमले करता रहेगा, जब तक कि वह युद्ध से जुड़े अपने सभी लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, जिसमें हमास को पूरी तरह खत्म करना और सभी बंधकों को छुड़ाना शामिल है। उन्होंने कहा, हमास की ओर से इससे पहले रिहा किए गए बंधकों से यह साबित हो गया है कि उन्हें छुड़ाने के लिए सैन्य दबाव जरूरी शर्त है। नेतन्याहू ने कहा कि यह सैन्य अभियान इजरायल की खुफिया एजेंसियों और आईडीएफ की सिफारिश पर शुरू किया गया। हमास को और अधिक बंधकों को रिहा करने के लिए राजी करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला, जिसके कारण यह आखिरी उपाय था।

गाजा सिटी में एक परिवार की तबाही

गाजा सिटी में यूरो-मेडिटेरेनियन ह्यूमन राइट्स मॉनिटर के अध्यक्ष रामि अब्दू ने अपनी बहन और उनके पूरे परिवार की मौत की पुष्टि की, जब उनका घर सुबह 4:30 बजे इजरायली बमबारी में तबाह हो गया। उनके अनुसार, उनकी बहन नसरीन और उनके बच्चे उबैदा, उमर और लियान, साथ ही उबैदा की पत्नी मलाक और उनके छोटे बच्चे सिवार और मोहम्मद की भी मौत हो गई। यह परिवार पहले भी कई बार इजरायली हमलों का सामना कर चुका था।

डॉक्टर और उनका परिवार भी मारे गए

गाजा के रफाह में एक चिकित्सक डॉ. मजीदा अबू अकर और उनके पूरे परिवार को इजरायली हवाई हमले में मार दिया गया। डॉ. मजीदा, जो UNRWA क्लिनिक में स्त्रीरोग विशेषज्ञ थीं, और उनके परिवार के 10 से अधिक सदस्य मारे गए। इस हमले में उनका 3 दिन का बच्चा भी शहीद हो गया।

दक्षिण गाजा में और भी नागरिकों की मौत

दक्षिण गाजा के खान यौनिस इलाके में बारहूम परिवार के 15 सदस्य मारे गए। ये क्षेत्र इजरायली सेना ने एक “मानवीय क्षेत्र” घोषित किया था, लेकिन इसके बावजूद इजरायली विमानों ने इस क्षेत्र पर बार-बार हमला किया। वहीं, अबासन शहर में एक परिवार को इजरायली बम से हमला होने के बाद छह सदस्य मारे गए।

कहानियों में माताओं का दर्द

खान यौनिस से एक वीडियो में एक फिलिस्तीनी महिला अपने बच्चों और पति से अंतिम विदाई लेती हुई दिखाई दी। महिला ने रोते हुए कहा, “मेरे बच्चे भूखे मरे, मुझे दुख है कि वे सहरी ( रमजान के दौरान सुबह का भोजन ) नहीं खा पाए, मेरी बेटी बिना सहरी के मरी है।”

जबलिया में मलबे से शवों की तलाश

गाजा के जबलिया क्षेत्र में भी कई परिवारों को घंटों तक अपने मृत परिजनों के शवों को खोजने के लिए मलबे में खुदाई करनी पड़ी। यह क्षेत्र इजरायली हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, और बहुत से लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं।

अब तक कुल 48,577 फिलिस्तीनी मारे गए

इजरायली हमलों के बाद से अब तक 48,577 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 112,041 से अधिक घायल हुए हैं। हजारों लोग मलबे में दबे हुए हैं और उनकी पहचान का पता नहीं चल पाया है।

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