Ranchi: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के नए पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न हो गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार चतुर्वेदी को बार काउंसिल का नया अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर रिंकू भगत ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में प्रशांत कुमार सिंह को चुना गया है। राजधानी रांची के डोरंडा स्थित बार काउंसिल कार्यालय में बुधवार को हुए इस चुनाव में कुल छब्बीस मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कड़े मुकाबले में तय हुआ शीर्ष पद
अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार चतुर्वेदी और निलेश कुमार के बीच था। इस मुकाबले में अभय कुमार चतुर्वेदी को पंद्रह वोट मिले, जबकि निलेश कुमार को दस वोट प्राप्त हुए। इस दौरान एक मत को अवैध घोषित किया गया।
वहीं, उपाध्यक्ष पद के चुनाव में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां रिंकू भगत ने दस वोट हासिल कर जीत अपने नाम की। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव को नौ वोट मिले, जबकि मधुलता रानी को चार और अनिल कुमार महतो को दो वोट प्राप्त हुए। इस पद के लिए भी एक मत अवैध पाया गया। इसके अलावा, बीसीआई प्रतिनिधि पद के चुनाव में प्रशांत कुमार सिंह ने अठारह वोट हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की, जबकि मनोज कुमार द्वितीय को सात और संजय कुमार विद्रोही को एक वोट मिला।
चुनाव प्रक्रिया और सदस्यों का चयन
आपको बता दें कि बार काउंसिल के इन शीर्ष पदाधिकारियों का चुनाव स्टेट बार काउंसिल के निर्वाचित और नामित सदस्यों के बीच होता है। इससे पहले काउंसिल के सदस्यों के चुनाव के लिए बारह मार्च दो हजार छब्बीस को मतदान हुआ था, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों और झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
वरीयता आधारित मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए सदस्यों का चयन किया गया। इसी वर्ष जून माह में विधि विभाग की ओर से जारी गजट अधिसूचना में बाईस निर्वाचित सदस्यों के नाम प्रकाशित किए गए थे, जबकि एक सदस्य पद का परिणाम लंबित था। इसके अतिरिक्त, दो महिला सदस्यों को भी काउंसिल में विशेष रूप से नामित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड स्टेट बार काउंसिल राज्य भर के अधिवक्ताओं के पंजीकरण, उनके पेशेवर हितों और उनके कल्याण से जुड़े मामलों में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। काउंसिल का कुल कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है, जिसके तहत इसके सदस्य आपसी मतदान से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और बीसीआई प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।







