रांची : रांची के बड़गांई स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन की दो याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इन याचिकाओं में पीएमएलए कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें सीएम की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी गई थी और बिना अभियोजन स्वीकृति के मामले पर संज्ञान लिया गया था। सुनवाई के दौरान सीएम की ओर से ईडी द्वारा दिए गए जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने दोनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख तय कर दी। अदालत में ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा।
Read More : 2030 तक विकास का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी, बिहार में विभागों की कसरत तेज
ईडी ने की थी कई ठिकानों पर छापेमारी
उल्लेखनीय है कि बड़गांई की उक्त विवादित जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता अंतू तिर्की और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत कई जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईडी ने सभी आरोपितों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था।
17 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय
मामले की सुनवाई करते हुए ईडी की विशेष अदालत अंतू तिर्की और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत कुल 17 आरोपितों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी है। आरोप गठित किए गए लोगों में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।






