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टूटी छतों के नीचे जिंदगी गुजार रहे 43 लाख परिवारों को मिला पक्का आशियाना

बिहार के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक 43 लाख से अधिक गरीबों के पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जिस पर सरकार ने 56 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की है।

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Patna: बिहार के ग्रामीण इलाकों में बेघर और जर्जर मकानों में जीवन गुजारने वाले गरीब परिवारों की जिंदगी अब तेजी से बदल रही है। राज्य में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ के तहत अब तक तैंतालीस लाख चौदह हजार नौ सौ उनसठ (43,14,959) गरीबों ने अपने सपनों का पक्का घर बनाकर तैयार कर लिया है।

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक निर्धारित कुल उनचास लाख सोलह हजार छः सौ उनचास (49,16,649) मकानों के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड उनचास लाख नौ हजार सात सौ चालीस (49,09,740) लाभार्थियों को आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पारदर्शी कार्यान्वयन और जरूरतमंदों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर देने के इस अभियान पर बिहार सरकार ने अब तक कुल छप्पन हजार सात सौ तैंतालीस करोड़ चालीस लाख रुपये (₹56,743.40 करोड़) की भारी-भरकम राशि खर्च की है।

दो चरणों में मिल रही है शानदार सफलता

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित कर बेहद तेजी से कार्य किया जा रहा है:

  • पहला चरण (2016-17 से 2021-22): इस अवधि के दौरान कुल सैंतीस लाख एक हजार एक सौ अड़तीस आवासों का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य के विरुद्ध विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सैंतीस लाख पांच सौ इकतीस (37,00,531) लाभार्थियों को स्वीकृति प्रदान की, जिनमें से छत्तीस लाख तरेसठ हजार सात सौ एक (36,63,701) परिवारों का मकान निर्माण कार्य पूरी तरह पूर्ण हो चुका है। इस चरण में पारदर्शी तरीके से तीनों किस्तें समय पर जारी की गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में बड़ी सफलता मिली।

  • दूसरा चरण (2024-25 और 2025-26): इसी रफ्तार को बरकरार रखते हुए दूसरे चरण में कुल बारह लाख पंद्रह हजार पांच सौ ग्यारह आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत अब तक बारह लाख नौ हजार दो सौ नौ लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना की प्रगति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे चरण के ग्यारह लाख सत्तर हजार नौ सौ पैंतालीस लाभुकों को पहली किस्त, दस लाख इक्कीस हजार तीन सौ छियासठ लाभुकों को दूसरी किस्त और सात लाख तेरह हजार तीन सौ उन्नतीस लाभुकों को तीसरी किस्त का सफल भुगतान किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप, दूसरे चरण में भी छह लाख इकानवे हजार दो सौ अट्ठावन (6,51,258) लाभार्थियों ने अपने पक्के मकान का निर्माण पूरा कर लिया है।

लाभार्थियों के जीवन स्तर में आ रहा बदलाव

प्रति लाभार्थी एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता राशि से बन रहे ये पक्के मकान न केवल बेघर परिवारों को सिर छिपाने के लिए एक सुरक्षित छत दे रहे हैं, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और एक सम्मानजनक जीवन भी प्रदान कर रहे हैं।

सरकार हर व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री श्रवण कुमार

इस संबंध में अपने बयान में ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब और कमजोर परिवारों को न केवल छत मिल रही है, बल्कि उन्हें सम्मान से जीने का अवसर भी मिल रहा है।

विभाग पूरी पारदर्शिता और गति के साथ स्वीकृत आवासों का निर्माण करा रहा है और समय पर किस्त की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जिन परिवारों का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है, उसे भी जल्द से जल्द पूरा कराकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

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