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बिहार बाल भवन ‘किलकारी’ में प्रशिक्षक और तकनीकी कर्मियों की बहाली

आउटसोर्सिंग एजेंसियों से 15 दिनों में निविदा आमंत्रित, जानें आवेदन का पूरा ब्यौरा

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पटना: बिहार के बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने वाले अग्रणी संस्थान बिहार बाल भवन ‘किलकारी’ में गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए बड़े पैमाने पर मानव संसाधन जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित ‘किलकारी’ ने सैदपुर, राजेन्द्रनगर (पटना) स्थित मुख्य केंद्र सहित अपनी विभिन्न गतिविधियों के लिए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से योग्य प्रशिक्षकों (Trainers) और तकनीकी कर्मियों (Technical Staff) की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए पात्र, निबंधित और अनुभवी एजेंसियों, फर्मों एवं कंपनियों से मुहरबंद निविदा (Tender) आमंत्रित की गई है।
जारी विज्ञापन के अनुसार, बाल भवन में विभिन्न कलात्मक विधाओं, खेल-कूद, रचनात्मक विधाओं और तकनीकी कार्यों के मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की आवश्यकता है। इन पदों पर योग्य कर्मियों की आपूर्ति पेशेवर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की जाएगी, ताकि बच्चों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल सके।

आवेदन की शर्तें और प्रक्रिया

इच्छुक और अनुभवी एजेंसियों को विज्ञापन प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के भीतर अपना निविदा प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अलग-अलग मुहरबंद लिफाफे में अपनी तकनीकी निविदा (Technical Bid) एवं वित्तीय निविदा (Financial Bid) तैयार करें। निर्धारित 15 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। तैयार निविदा प्रपत्र को हाथों-हाथ अथवा निबंधित डाक (Registered Post) या स्पीड पोस्ट (Speed Post) के जरिए निम्नलिखित पते पर भेजा जा सकता है:
कार्यालय: किलकारी बिहार बाल भवन, सैदपुर, राजेन्द्रनगर, पटना – 800004।

वेबसाइट और हेल्पलाइन से लें पूरी जानकारी

निविदा से संबंधित विस्तृत नियम, पात्रता शर्तें, तकनीकी आवश्यकताएं और आवेदन प्रपत्र किलकारी की आधिकारिक वेबसाइटwww.kilkaribihar.inसे डाउनलोड किए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा स्पष्टीकरण के लिए इच्छुक फर्में कार्यालय के दूरभाष संख्या 9031845710 पर संपर्क कर सकती हैं। ‘किलकारी’ का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में हुनरमंद बनाना है। ऐसे में अनुभवी एजेंसियों के माध्यम से दक्ष प्रशिक्षकों और तकनीकी कर्मियों के जुड़ने से बच्चों के कौशल विकास को नया आयाम मिलेगा।
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