फॉण्ट कनवर्टर NEW

PM की विदेश यात्राओं की जानकारी RTI से नहीं मिलेगी, दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से जुड़ी विशेष उड़ानों की जानकारी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय वायु सेना के विमानों से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान तैयार किए जाने वाले विशेष उड़ान रिकॉर्ड को सूचना के

अपनी भाषा में पढ़ें

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से जुड़ी विशेष उड़ानों की जानकारी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय वायु सेना के विमानों से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान तैयार किए जाने वाले विशेष उड़ान रिकॉर्ड को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। ऐसी जानकारी सामने आने से राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रधानमंत्री की जान को खतरा हो सकता है।

सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सामने आने का खतरा

जस्टिस अमित महाजन ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि विशेष उड़ानों के रिकॉर्ड में कई संवेदनशील जानकारियां होती हैं। केवल सुरक्षाकर्मियों के नाम और पहचान हटाने से सुरक्षा संबंधी खतरा दूर नहीं होगा।

कोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड में मौजूद दूसरी जानकारियों के आधार पर भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का पता लगाया जा सकता है। इससे उनकी सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है।

पूर्व और वर्तमान प्रधानमंत्री की यात्राओं की मांगी थी जानकारी

यह मामला सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश के. बत्रा की ओर से दाखिल RTI आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड मांगा था।

RTI आवेदन में 1 अप्रैल 2013 से 5 जून 2018 के बीच भारतीय वायु सेना के विमानों से की गई विदेश यात्राओं के विशेष उड़ान रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने जुलाई 2020 में वायु सेना को यह जानकारी देने का आदेश दिया था। इसके बाद वायु सेना के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने CIC के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

वायु सेना ने कोर्ट में रखी अपनी दलील

सुनवाई के दौरान भारतीय वायु सेना ने बताया कि विशेष उड़ान रिकॉर्ड में विमान, चालक दल, यात्रियों की संख्या, संबंधित एजेंसियों और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी होती है।

वायु सेना ने RTI कानून की धारा 8(1)(a) और 8(1)(e) का हवाला देते हुए रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से इनकार किया था।

हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा को दी प्राथमिकता

वायु सेना ने कोर्ट को बताया कि रिकॉर्ड से कुछ नाम हटाने के बाद भी अन्य जानकारियों को सार्वजनिक सूचनाओं के साथ जोड़कर प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का पता लगाया जा सकता है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस आशंका को गंभीर माना। कोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने से खतरा पैदा हो सकता है। इसी आधार पर विशेष उड़ान रिकॉर्ड को RTI के तहत सार्वजनिक नहीं करने का फैसला दिया गया।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram