Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में रश्मि इलेक्ट्रॉनिक्स मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए 21 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि, दुकान से चोरी हुए कुल 52 मोबाइल फोन में से 31 मोबाइल अब भी बरामद नहीं हो सके हैं। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
इस संबंध में शुक्रवार को चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सह सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांच अक्टूबर 2026 को चक्रधरपुर स्थित रश्मि इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोर विभिन्न कंपनियों के 52 मोबाइल फोन चुरा ले गए थे। दुकान मालिक की शिकायत पर चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 111/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 303(2) और 305(ए) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर चोरी की घटना में पांच आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाया। साक्ष्य जुटाने के लिए सीआईडी की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नितेश पटेल निवासी घोड़ासहन, मोतिहारी, जितेन्द्र साह उर्फ चोना निवासी रक्सौल, पूर्वी चंपारण और गोविन्द चौधरी निवासी सुपौल, बिहार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में शेराज निवासी घोड़ासहन, मोतिहारी और संजय सहनी निवासी आठमोहान, झरोखर, मोतिहारी की तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ शेष 31 मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूर्व में हुई चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े सामान की बरामदगी के प्रयास में भी जुटी है।
इस मामले के उद्भेदन में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रमेश गिरि, रंजीत उरांव, सुनील कुमार पांडेय और राज किशोर तिवारी की प्रमुख भूमिका रही।





