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बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन को लेकर बढ़ा विवाद, विस्थापितों ने तेज किया विरोध

बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नौकरी की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के सातवें दिन आंदोलनकारियों ने प्लांट के मेन गेट को छोड़कर बाकी सभी गेट बंद कर दिए। इससे ड्यूटी पर पहुंचे कई कर्मचारियों को वापस

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बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नौकरी की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के सातवें दिन आंदोलनकारियों ने प्लांट के मेन गेट को छोड़कर बाकी सभी गेट बंद कर दिए। इससे ड्यूटी पर पहुंचे कई कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि, कुछ कर्मचारी मेन गेट से प्लांट के अंदर पहुंचे।

विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों की मांग है कि पहले की तरह चतुर्थ वर्ग के पदों पर उन्हें नौकरी दी जाए। साथ ही, अप्रेंटिसशिप पूरी कर चुके युवाओं की सीधी बहाली की जाए।

16 महीने बाद भी समझौते पर अमल नहीं होने का आरोप

आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रेम महतो की मौत के बाद हुई त्रिपक्षीय वार्ता में विस्थापितों को नौकरी देने पर सहमति बनी थी। लेकिन 16 महीने बीत जाने के बाद भी समझौते को लागू नहीं किया गया है।

बोकारो की विधायक श्वेता सिंह भी सातवें दिन धरने पर बैठी रहीं। वहीं, स्थानीय सांसद ने भी विस्थापितों की मांगों का समर्थन किया है।

1500 विस्थापित अप्रेंटिस की बहाली की मांग

विस्थापित अप्रेंटिस संघ की तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें 1500 विस्थापित अप्रेंटिस की बहाली, चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में पुरानी आरक्षण व्यवस्था लागू करना और विस्थापित परिवारों के लिए स्पष्ट नियोजन नीति बनाना शामिल है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जिन परिवारों ने प्लांट के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी, उनके बच्चों को रोजगार मिलना चाहिए। अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से युवाओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने कहा कि छह दिनों तक भूख हड़ताल करने के बावजूद BSL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है।

वहीं, संघ के नेता सुनील कुमार ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से विस्थापितों को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। उन्होंने ठेका आधारित नौकरी के बजाय नियमित बहाली की मांग की।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्लांट का कामकाज ठप किया जाएगा। फिलहाल, टू-टैंक गार्डन के पास विस्थापितों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है।

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