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साइबर अपराध के खिलाफ डालसा की पहल, 150 पीएलवी को किया गया जागरूक

साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने लोगों को जागरूक करने की पहल की है। बुधवार को रांची के कॉन्फ्रेंस हॉल में करीब 150 पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) की बैठक हुई। इसमें साइबर अपराध

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रांची : साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने लोगों को जागरूक करने की पहल की है। बुधवार को रांची के कॉन्फ्रेंस हॉल में करीब 150 पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) की बैठक हुई। इसमें साइबर अपराध से बचाव और ठगी के शिकार लोगों को कानूनी सहायता दिलाने के बारे में जानकारी दी गई।

बैठक की अध्यक्षता एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने की। इस दौरान पीएलवी को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर अपराध और सरकारी विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।

डिजिटल अरेस्ट से बचाव की दी जानकारी

डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने बैठक में झालसा की डिजिटल अरेस्ट जागरूकता और पीड़ित सहायता योजना-2026 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट के मामलों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि साइबर ठगी होने पर पीड़ित को तुरंत बैंक, पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को जालसाजों के खातों में होल्ड कराने में मदद मिल सकती है।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल

बैठक में पीएलवी को बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और ठगी से जुड़े सबूत सुरक्षित रखने की भी जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने पीएलवी को निर्देश दिया कि वे इन जानकारियों को गांवों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाएं। साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को मुफ्त कानूनी सहायता दिलाने में मदद करें।

पीड़ित महिलाओं को मुआवजा दिलाने का निर्देश

एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने पीएलवी से कहा कि वे ऐसी पीड़ित महिलाओं की पहचान करें, जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उनके आवेदन डालसा कार्यालय में जमा कराकर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग करें।

इसके अलावा उन्होंने नालसा और झालसा की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और नशे से पीड़ित लोगों को नशामुक्ति केंद्र तक पहुंचाने में मदद करने को कहा।

बैठक के अंत में पीएलवी के कामकाज की समीक्षा की गई। इस मौके पर एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, एलएडीसी सहायक पंकज कुमार शर्मा सहित अन्य पीएलवी मौजूद रहे।

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