रांची : झारखंड के सरकारी प्लस टू स्कूलों में काम करने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। झारखंड व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ के बैनर तले प्रशिक्षक झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मुख्य मांगों में बकाया मानदेय का भुगतान, वेतन बढ़ोतरी, नौकरी की सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
सात साल से नहीं बढ़ा मानदेय
प्रशिक्षकों का कहना है कि पिछले सात वर्षों से उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। संघ ने हर महीने 24 हजार रुपये मानदेय देने और इसे अप्रैल 2025 से लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही बकाया राशि का भुगतान एरियर के साथ करने को कहा है।
संघ ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के पास लंबित मानदेय का भुगतान 24 घंटे के अंदर कराने और हर महीने की एक से पांच तारीख के बीच वेतन देने की मांग भी की है।
60 साल तक नौकरी की सुरक्षा की मांग
प्रशिक्षकों ने 60 वर्ष की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा देने और झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट (आउटसोर्सिंग) 2025 में शामिल करने की मांग उठाई है। इसके अलावा सभी प्रशिक्षकों को ईएसआईसी कार्ड, हर महीने वेतन पर्ची और पीएफ कटौती में समान नियम लागू करने की मांग की गई है।
प्रशिक्षकों ने स्कूलों में छात्रों के लिए किताबें, स्टेशनरी, प्रशिक्षण सामग्री और प्रयोगशाला की बेहतर व्यवस्था करने की भी मांग की है। साथ ही औद्योगिक भ्रमण और अतिथि शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।
संघ ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।




