भागलपुर: गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त चार स्पैन से पुराने बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए बीआरओ की विशेषज्ञ टीम को सिक्किम से बुलाया गया है। भारी क्रेन और मशीनों की मदद से बेली ब्रिज के लोहे के गर्डर को हटाया जा रहा है।
पहले चरण में चारों स्पैन से बेली ब्रिज को खोलने का काम होगा। इसे पूरा करने में करीब 3 से 5 दिन लग सकते हैं। इसके बाद यहां मजबूत स्टील ट्रस ब्रिज लगाया जाएगा। ट्रस ब्रिज भारी वाहनों का भार सहने में सक्षम होगा।
प्रशासन के अनुसार बेली ब्रिज हटाने से लेकर नए ट्रस ब्रिज को स्थापित कर सड़क पर यातायात शुरू करने में करीब 15 से 20 दिन लग सकते हैं।
बड़े जहाजों का आवागमन शुरू
बेली ब्रिज के कारण गंगा में बड़े मालवाहक और क्रूज जहाजों के आवागमन में परेशानी हो रही थी। स्पैन खाली होने के बाद अब गंगा में बड़े जहाजों का आवागमन और माल ढुलाई शुरू हो गई है। इससे राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के जरिए व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
काम के दौरान विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। जरूरत के अनुसार हल्के वाहनों का परिचालन भी नियंत्रित किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग और नाव सेवा की व्यवस्था की है।
नवगछिया से भागलपुर, बांका और मुंगेर जाने वाले वाहनों को खगड़िया-अगुवानी घाट या मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल की ओर भेजा जा रहा है। वहीं पूर्णिया और कटिहार से आने वाले वाहनों को कुरसेला से नारायणपुर होते हुए मुंगेर पुल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
शहरी यात्रियों के लिए सबौर और बरारी घाट के बीच अतिरिक्त नावों का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही विक्रमशिला सेतु की ओर जाएं और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग या नाव सेवा का इस्तेमाल करें।




