रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने बुधवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। छात्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन स्थगित कराने के समय रिफॉर्म कमेटी बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो महीने बाद भी कमेटी का गठन नहीं हुआ।
छात्र प्रतिनिधि हर्षित सिंह और खूंटी की अभ्यर्थी निषाद प्रवीण ने कहा कि 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद अध्यक्ष और बोर्ड के कई पद खाली हैं। छात्रों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया, इंटरव्यू और परीक्षा कैलेंडर प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने कहा कि पिछले कुछ समय में विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। उनके अनुसार, इन कारणों से 22 से अधिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं। छात्रों ने नियमित भर्ती नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों ने अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमेटी का जल्द गठन करने और JPSC अध्यक्ष व बोर्ड के खाली पदों पर नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा UPSC की तर्ज पर हर साल परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी की गई।
छात्रों ने प्रीलिम्स में ई-ऑप्शन और नेगेटिव मार्किंग, श्रेणीवार कटऑफ और मार्कशीट जारी करने की मांग रखी। उन्होंने प्रीलिम्स रिजल्ट के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 90 दिन का समय देने की मांग भी की।
मुख्य परीक्षा में शॉर्ट आंसर आधारित प्रश्न शामिल करने, झारखंड से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने और क्षेत्रीय भाषाओं के मूल्यांकन में स्केलिंग लागू करने की मांग की गई। छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गोपनीयता बरतने की भी मांग रखी।
7 अक्टूबर के बाद महाजुटान की चेतावनी
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर 7 अक्टूबर तक रिफॉर्म कमेटी का गठन और JPSC अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं होती है, तो पूरे झारखंड से छात्रों का बड़ा छात्र महाजुटान किया जाएगा।
छात्रों ने कहा कि महाजुटान के जरिए सरकार का ध्यान भर्ती प्रक्रिया में सुधार और प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।




