Okazaki, (Japan): एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। महिला टीम के स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी इवेंट में भी भारत ने सोने पर सटीक निशाना लगाया है। ओकाजाकी में खेले गए बेहद कड़े और सांसें रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम को रोमांचक शूट-ऑफ में पराजित कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा का कोटा भी सुरक्षित कर लिया है। उल्लेखनीय है कि यह स्पर्धा पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने जा रही है।
रोमांचक शूट-ऑफ और ओलंपिक टिकट पर मुहर
फाइनल में निर्धारित चार एंड का मुकाबला 157-157 की बराबरी पर समाप्त हुआ था। इसके बाद स्वर्ण पदक का फैसला शूट-ऑफ के जरिए हुआ। शूट-ऑफ में दोनों टीमों को एक-एक तीर चलाने का मौका मिला। चिकिथा ने परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जिसकी बराबरी कोरिया के पार्क ने 10 अंक बनाकर की। इसके बाद भारत की ओर से 10 का एक और अचूक निशाना लगा। दबाव के पलों में दक्षिण कोरिया की चोई योंगही केवल 9 अंक ही हासिल कर सकीं, जिसके चलते भारत ने मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ आइची-नागोया में चिकिथा का यह दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड रहा, जबकि खेलों में भारत का यह कुल आठवां स्वर्ण पदक है। भारत के पदकों की कुल संख्या अब 54 (8 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य) तक पहुंच चुकी है।
शुरुआत से आखिरी एंड तक कांटे की टक्कर
मुकाबले के पहले एंड से ही दोनों टीमों के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती एंड में भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 40-39 की मामूली बढ़त बनाई। दूसरे एंड में भी लगातार 10-10 अंक बटोरते हुए भारत ने आधे मैच तक अपनी बढ़त 80-78 कर ली। तीसरे एंड में कोरियाई जोड़ी ने अंतर को घटाकर 118-117 कर दिया। चौथे और अंतिम एंड में कोरिया ने अपने सभी तीरों पर सटीक निशाने साधते हुए कुल स्कोर 157 तक पहुंचाया। भारत को मैच टाई कराने के लिए अंतिम तीर पर पूरे 10 अंक की दरकार थी, जहां भारतीय तीरंदाज ने बिना दबाव में आए परफेक्ट 10 लगाकर मुकाबले को शूट-ऑफ में खींच लिया।




