पटना : नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 28 सितंबर की सुबह छह बजे 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में नदी का दबाव बढ़ गया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार बगहा गेज स्थल पर गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है। इससे पहले वर्ष 2024 में यहां 90.90 मीटर का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। इस बार जलस्तर पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर अधिक है।
169 स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या दूर
गंडक में तेज जलश्राव के कारण तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। कई जगह सीपेज, पाइपिंग और ओवरटॉपिंग की स्थिति बनी। विभाग के अनुसार अब तक 169 स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या को तत्काल कार्रवाई कर सुरक्षित किया गया है।
पश्चिम चंपारण में दो जगह तटबंध क्षतिग्रस्त
28-29 सितंबर की मध्यरात्रि पश्चिम चंपारण जिले में चंपारण तटबंध दो जगह क्षतिग्रस्त हुआ। इनमें बगहा-1 प्रखंड का खैरतवा और बैरिया प्रखंड का फुलियाखाड़ गांव शामिल है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी गंडक के दाएं तटबंध के एक स्थान पर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
क्षतिग्रस्त स्थानों पर जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें बचाव और मरम्मत कार्य में जुटी हैं।
चार विशेष दल निगरानी के लिए भेजे गए
स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने मुख्यालय से चार विशेष दल भेजे हैं। कार्यपालक अभियंताओं के नेतृत्व में ये टीमें बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में तटबंधों की निगरानी कर रही हैं। अतिरिक्त अभियंताओं की भी तैनाती की गई है।
विभाग के अनुसार गंडक के अपस्ट्रीम में जलस्तर घट रहा है, जबकि डाउनस्ट्रीम में पानी बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। इससे पश्चिम चंपारण से लेकर गंडक के निचले इलाकों तक तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी और बचाव कार्य कर रही हैं।




