Patna: बिहार सरकार ने लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस हादसे में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
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कैसे हुआ यह हादसा?
सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर अशोक धाम मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर के पास बिजली का तार गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने की अफवाह फैल गई, जिससे लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई और भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसमें कई श्रद्धालु नीचे दब गए।
केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु से मन आहत है। वहीं, केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन) ने कहा कि तार गिरने और करंट की अफवाह के कारण यह भगदड़ मची। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
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विपक्ष और राज्य मंत्रियों की क्या प्रतिक्रिया रही?
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने हादसे पर दुख जताया और आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने घायलों के त्वरित इलाज और मुआवजे की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री ने जताई संवेदना
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताया और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।





