Lakhisarai: बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के बाहर सावन के सोमवार को अचानक मची भगदड़ में कम से कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया है जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। प्रशासन के अनुसार यह हादसा मंदिर परिसर के भीतर नहीं, बल्कि बाहर भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए क्षेत्र में हुआ।
करंट की अफवाह और अचानक बढ़ी भीड़ बनी वजह
एसडीपीओ शिवम कुमार के अनुसार, मंदिर के बाहर बिजली का एक खंभा गिरने के बाद इलाके में करंट फैलने की अफवाह उड़ गई। इस अफवाह के कारण बाहर मौजूद श्रद्धालुओं में अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
शाम 6:40 बजे बैरिकेडिंग टूटने से हुआ हादसा
जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शाम करीब साढ़े छह से पौने सात बजे के बीच दो ट्रेनों के ठहराव के कारण मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ बढ़ गई थी। करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच खेत की ओर भीड़ का दबाव बढ़ा और बैरिकेडिंग का एक हिस्सा टूट गया। बैरिकेडिंग टूटने से लोग अनियंत्रित होकर एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।
मौके पर तैनात था प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमला
जिलाधिकारी ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। भीड़ को देखते हुए पहले से एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की तैनाती की गई थी। हादसा होते ही घायलों को फौरन अस्पताल भेजा गया। सिविल सर्जन स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की निगरानी कर रहे हैं।
मंदिर में स्थिति सामान्य, जांच के निर्देश
एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि घटना के बाद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और श्रद्धालु शांतिपूर्वक जलाभिषेक कर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।





