नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 8वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। भारतीय राजनीति में वाजपेयी का सफर कई महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा रहा।
1996 में पहली बार बने प्रधानमंत्री
1996 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। बीजेपी 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके बाद राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने 16 मई 1996 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण 13 दिन बाद इस्तीफा दे दिया।
1998 में एक वोट से गिरी सरकार
1998 में वाजपेयी दोबारा प्रधानमंत्री बने। हालांकि, सहयोगी दल के समर्थन वापस लेने के बाद उनकी सरकार लोकसभा में सिर्फ एक वोट से गिर गई।
1999 में पूरा किया पांच साल का कार्यकाल
1999 में अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। वे पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने।
अटल बिहारी वाजपेयी एक राजनेता के साथ-साथ कवि, पत्रकार और प्रभावशाली वक्ता भी थे। भारतीय राजनीति में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।




