Ranchi : 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड पुलिस मुख्यालय में समारोह आयोजित किया गया। डीजीपी तदाशा मिश्र ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, संगठित अपराध, साइबर अपराध, नशे की तस्करी और पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर पुलिस की उपलब्धियां बताईं।
नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि पुलिस के लगातार अभियान से राज्य में नक्सलवाद की चुनौती कमजोर हुई है। जनवरी से 5 अगस्त 2026 तक 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है।
अभियानों के दौरान पुलिस ने 98 हथियार, 7,470 कारतूस, 11 किलो विस्फोटक, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये बरामद किए।
संगठित अपराध पर सख्ती
डीजीपी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जनवरी से जुलाई 2026 तक 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद हुईं। वहीं, 50 अपराधियों के खिलाफ CCA के तहत कार्रवाई की गई।
डायल-112 का रिस्पांस टाइम बेहतर
डीजीपी ने बताया कि डायल-112 की शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद पुलिस के रिस्पांस टाइम में सुधार हुआ है। जनवरी में करीब 16 हजार शिकायतों पर औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था। जुलाई में शिकायतें बढ़कर करीब 23 हजार हो गईं, लेकिन रिस्पांस टाइम घटकर 9 मिनट 12 सेकंड हो गया।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर जोर
डीजीपी ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए चलाए जा रहे कल्याणकारी कार्यों की भी जानकारी दी। जनवरी से जुलाई 2026 तक पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों को 3 करोड़ 69 लाख रुपये की सहायता दी गई। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से 42 लाभार्थियों को करीब 12 लाख रुपये की मदद दी गई।
अंत में डीजीपी तदाशा मिश्र ने पुलिसकर्मियों से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की। उन्होंने साइबर अपराध, नशाखोरी और संगठित अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।




