Patna: CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पटना में विभिन्न भूमि खंडों के पुनर्विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण सहित सरकारी भूमि के बेहतर उपयोग, सुनियोजित विकास और आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को लेकर सीएम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NBCC) की ओर से पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही बिहार म्यूजियम, नेहरू पथ के सामने स्थित भूमि खंड, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूमि खंडों के पुनर्विकास का प्रस्ताव भी रखा गया।
पटना को आधुनिक एवं वैश्विक स्तर का शहर बनाने पर जोर
समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि पटना को आधुनिक एवं वैश्विक स्तर के शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने पटना में उपलब्ध विभिन्न सरकारी भूमि खंडों के पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव को अच्छा बताया। इस क्रम में NBCC की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण एवं पुनर्विकास के लिए मॉडल तैयार किए जाने की बात कही गई। सीएम ने कहा कि पुराने और जर्जर सरकारी भवनों के स्थान पर आवश्यकता के अनुरूप पुनर्निर्माण और नए निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए 2,000 एकड़ भूमि की कार्ययोजना
सीएम ने ‘पाटलिपुत्र टाउनशिप’ में लगभग 2,000 एकड़ भूमि तथा अन्य टाउनशिप में 1,000 एकड़ भूमि में टाउनशिप के निर्माण एवं पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने पटना के साथ-साथ गया, भागलपुर, बेगूसराय एवं दरभंगा जैसे शहरों में भी उपयुक्त सरकारी भूमि को चिह्नित कर विकास की समेकित योजना तैयार करने पर जोर दिया। सीएम ने पटना के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि को चिह्नित कर मास्टर प्लान तैयार करने तथा सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए।
आधुनिक तकनीक और जीरो वेस्ट मॉडल पर जोर
सीएम ने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्माण परियोजनाओं में ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ को अपनाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि का जल्द से जल्द चिह्नीकरण किया जाए। इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्माण एवं पुनर्विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए। सीएम ने कहा कि पटना के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
4,000 करोड़ के निवेश और 8,000 करोड़ राजस्व की संभावना
प्रस्ताव के अनुसार पटना में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। वहीं, इन परियोजनाओं से लगभग 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व सृजन होने का अनुमान है। सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए भूमि के चिह्नीकरण, पुनर्विकास और निर्माण की कार्ययोजना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य सह सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, सीएम के सचिव संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष परासर, नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा, NBCC के चेयरमैन डॉ. के.पी. महादेव स्वामी सहित NBCC के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।





