Ramgarh: श्रीराम फैक्ट्री में रविवार को हुए गंभीर हादसे में झुलसे मजदूर रमेश ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई। कुजू कोलियरी निवासी रमेश ठाकुर, पिता दरोगा ठाकुर, हादसे के बाद से गंभीर हालत में उपचाराधीन थे। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। रमेश ठाकुर की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन धरने पर बैठ गए।
मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने दिया धरना
रमेश ठाकुर की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने परिवार के भविष्य के भरण-पोषण के लिए ठोस व्यवस्था करने और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि मजदूर की जान जाने के बाद केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है। परिवार के हित में ठोस निर्णय लिया जाना जरूरी है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग रखी।
जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर संभाली स्थिति
धरने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री प्रबंधन के साथ बातचीत शुरू की। वार्ता के दौरान मुआवजे के साथ-साथ मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी। जनप्रतिनिधियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच हुई बातचीत के दौरान पीड़ित परिवार को राहत देने और मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
हादसे ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
बताया गया कि रविवार को फैक्ट्री में काम के दौरान हुए हादसे में कई मजदूर झुलस गए थे। इनमें रमेश ठाकुर गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रमेश की मौत के बाद फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। ग्रामीणों ने भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होने देने के लिए फैक्ट्री में सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
22 लाख मुआवजे के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित
ग्रामीणों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद प्रबंधन ने मृतक रमेश ठाकुर के परिजनों को 22 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।





