रांची। झारखंड हाई कोर्ट में मेसर्स जील इंडिया केमिकल्स, रांची के प्रोपराइटर अजय जालान की याचिका पर सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने के साथ उन पर आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।
क्या है मामला
मामला मेकॉन के सीनियर मैनेजर यूएन मंडल से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चेन्नई की शिव मशीन टूल और रांची की जील इंडिया केमिकल्स को कार्यादेश दिलाया।
सीबीआई ने इस मामले में 30 अक्टूबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने सीबीआई केस को आधार बनाकर ECIR दर्ज किया।
आरोप है कि दोनों कंपनियों को कार्यादेश देने के बदले मेकॉन के सीनियर मैनेजर ने करीब 1.65 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। इसी मामले में अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट अब इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा।




