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शराब तस्करों का अनोखा जुगाड़ भी फेल, कैमूर में 4815 लीटर शराब जब्त

बिहार के कैमूर स्थित उत्पाद चेकपोस्ट पर 14 चक्का ट्रक के गुप्त तहखाने में छिपाकर लाई जा रही 75 लाख रुपये मूल्य की 4815 लीटर पंजाब निर्मित शराब बरामद हुई है।
कैमूर में 75 लाख की शराब बरामद

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Kaimur: बिहार के कैमूर जिले में दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित समेकित जांच चौकी (उत्पाद चेकपोस्ट) पर उत्पाद विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पंजाब से एक 14 चक्का ट्रक में छिपाकर लाई जा रही करीब 4815 लीटर अवैध शराब बरामद की है। जब्त की गई शराब की अनुमानित बाजार कीमत 70 से 75 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने मौके से ही ट्रक चालक और सह-चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

गोबर की खाद के नीचे मिला लोहे का गुप्त तहखाना

उत्पाद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की दिशा से आ रहे पंजाब नंबर के एक 14 चक्का ट्रक की जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ। जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो ट्रक में सड़ी हुई गोबर की खाद के नीचे एक विशेष रूप से निर्मित लोहे का गुप्त तहखाना पाया गया। इसी छिपे हुए केबिन में शराब की बड़ी खेप रखी गई थी। उत्पाद विभाग की टीम ने तहखाने को काटकर और खोलकर पूरी शराब बाहर निकाली और जब्त कर ली।

हरियाणा के दो तस्कर गिरफ्तार, मिटाए गए थे बैच नंबर

मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नितेश कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के निवासी बताए जा रहे हैं। कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि शराब की यह खेप पंजाब से लोड कर बिहार के विभिन्न इलाकों में डिलीवरी के लिए लाई जा रही थी। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने और शराब के स्रोत की पहचान छिपाने के लिए बोतलों पर दर्ज बैच नंबर भी रासायनिक तरीके से मिटा दिए थे।

गुप्त सूचना के आधार पर चला जांच अभियान

उत्पाद चेकपोस्ट के प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि विभाग को इस संबंध में पूर्व में ही गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर एनएच पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उक्त संदिग्ध ट्रक को रोककर जब जांच की गई तो लोहे के गुप्त कक्ष से 4815 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।

नेटवर्क और मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी पुलिस

फिलहाल उत्पाद विभाग की टीम दोनों गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस और उत्पाद विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बिहार में इस खेप को किस सिंडिकेट द्वारा मंगवाया गया था और इसका मुख्य मास्टरमाइंड कौन है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ सीमावर्ती चेकपोस्ट पर निगरानी और सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है।

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