जमशेदपुर : साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर रविवार को मतदान से पहले ही विवाद बढ़ गया। चुनाव प्रक्रिया का विरोध कर रहे सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर ‘ब्लैक डे’ मनाया और पोस्टर-बैनर के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव पर रोक लगाने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
विपक्षी सदस्य अशोक कुमार सावंत ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने रात में ही मतदान केंद्र में प्रवेश कर चुनाव सामग्री और बैलेट से जुड़ी चीजें अपने कब्जे में ले लीं। इसके बाद विपक्षी सदस्य बूथ के बाहर धरने पर बैठ गए।
विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि 109 नए सदस्यों को नियमों के खिलाफ चुनाव में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अदालत के आदेश की प्रमाणित प्रति के बिना चुनाव कराना उचित नहीं है।
वहीं, उत्कल एसोसिएशन के महासचिव तरुण कुमार मोहंती ने कहा कि चुनाव न्यायालय के आदेश के अनुसार जिला प्रशासन और पुलिस की निगरानी में कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
इसी बीच झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की उप निबंधन महानिरीक्षक श्वेता कुमारी ने 5 अगस्त को उत्कल एसोसिएशन मामले की जांच का निर्देश दिया था। पत्र में चुनाव समय पर नहीं कराने, सदस्यों को सूचना नहीं देने, नियमावली के उल्लंघन और 109 नए सदस्यों को चुनाव में शामिल करने समेत कई आरोपों का उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मांगी गई है।
उत्कल एसोसिएशन के चुनाव में 25 कार्यकारिणी पदों के लिए 53 प्रत्याशी मैदान में थे। निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य बाद में अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव करते।
विवाद और हंगामे के बीच रविवार को होने वाला चुनाव रद्द कर दिया गया। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई।




