सिमडेगा : जलडेगा थाना क्षेत्र के कोनमेरला पंचायत के सौंडीडीपा गांव में शनिवार रात जंगली हाथी को खदेड़ने के दौरान दो ग्रामीणों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान भुन्डुपानी निवासी नोवेल बरला और कालू प्रधान के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, रात में गांव में हाथी आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। फसल और घरों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीण मशाल और लाठी-डंडे लेकर हाथी को खदेड़ने लगे। इसी दौरान हाथी अचानक ग्रामीणों की ओर लौट आया। लोग जान बचाकर भागने लगे। इसी क्रम में नोवेल बरला और कालू प्रधान हाथी की चपेट में आ गए।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी ने दोनों को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
लगातार बारिश के बीच हाथी के गांव में आने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई। कई लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों में आने से लोगों में भय बना हुआ है।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार सुबह जलडेगा में सड़क जाम कर दिया। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से हाथी को क्षेत्र से बाहर निकालने, लापता ग्रामीण की तलाश कराने और प्रभावित परिवारों को सहायता देने की मांग की।
कोलेबिरा विधायक ने घटना के लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले को सदन में उठाने की बात कही। उन्होंने हाथियों के आतंक का स्थायी समाधान कराने के लिए मुख्यमंत्री से मांग करने की बात भी कही।
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