New Delhi: भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी को नई पहचान मिली है। भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत देश की पहली महिला टॉप गन कॉम्बैट पायलट बन गई हैं। वहीं भारतीय सेना की कैप्टन शिवानी सहरावत को सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की पहली महिला एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त किया गया है। दोनों उपलब्धियों को सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
भावना कांत ने कैसे रचा इतिहास?
स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट में आयोजित 20 सप्ताह के इस कोर्स में केवल चुनिंदा लड़ाकू पायलटों को ही प्रवेश मिलता है। वायुसेना के लगभग एक प्रतिशत फाइटर पायलट ही इस स्तर तक पहुंच पाते हैं। इसी वजह से इस कोर्स की तुलना अमेरिकी नौसेना के टॉप गन कार्यक्रम से की जाती है।
भावना कांत का अब तक का सफर
बिहार के दरभंगा में 1 दिसंबर 1992 को जन्मी भावना कांत ने बरौनी रिफाइनरी डीएवी पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई की डिग्री हासिल की। कुछ समय तक टीसीएस में कार्य करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना जॉइन की।
जून 2016 में वह अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के बैच का हिस्सा बनीं। वर्ष 2019 में वह मिग-21 बाइसन पर दिन के समय लड़ाकू अभियान के लिए योग्य घोषित होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। बाद में उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई जैसे फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान भी उड़ाए। वर्ष 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सेना प्रमुख की पहली महिला एडीसी बनीं शिवानी सहरावत
भारतीय सेना की कैप्टन शिवानी सहरावत को सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का एड-डी-कैंप (ADC) नियुक्त किया गया है। यह सेना का अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला पद माना जाता है। इस पद पर उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड, अनुशासन और सैन्य प्रक्रियाओं की गहरी समझ रखने वाले अधिकारियों का चयन किया जाता है। किसी महिला अधिकारी का पहली बार इस पद पर नियुक्त होना भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का अहम संकेत माना जा रहा है।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक
स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत और कैप्टन शिवानी सहरावत की उपलब्धियां भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं को मिल रहे बढ़ते अवसरों और जिम्मेदारियों को दर्शाती हैं। दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए सैन्य सेवाओं में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान दी है।




