Lohardaga : ग्रामीण किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सतत आजीविका से जोड़ने की दिशा में हिंडालको द्वारा संचालित बगरू हिल माइंस के सीएसआर विभाग की ओर से बरसाती आलू बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत बगडू, चांपी, दलदलिया, चोरगाईं, केंदटोली, बेथाट सहित आसपास के गांवों के करीब 37 स्वयं सहायता समूहों के बीच 6,500 किलोग्राम (6.5 टन) बरसाती आलू बीज का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सहायक महाप्रबंधक शंभू शरण वशिष्ठ ने कहा कि बरसाती आलू की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक बेहतर माध्यम बन सकती है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और उपलब्ध कराए गए गुणवत्तापूर्ण बीज का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाएं तो वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिंडालको अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार संचालित कर रही है। बरसाती आलू बीज वितरण भी इसी कड़ी का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि करना है। कार्यक्रम हिंडालको के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। मौके पर किसानों को बीज के चयन, रोपण, देखभाल एवं बेहतर उत्पादन के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई, ताकि वे अधिक उपज प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में सीएसआर के सहायक प्रबंधक भास्कर सिन्हा, रूपक दुबे, माधुरी कुमारी, मानव संसाधन विभाग से अभिनव कुमार, पंचम लोहरा, रामदेव उरांव, चैती मंजू, बुधवा उरांव सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए हिंडालको का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर गुणवत्तापूर्ण आलू बीज उपलब्ध होने से बरसाती खेती को बढ़ावा मिलेगा और इससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। सीएसआर के माध्यम से इस प्रकार के कृषि आधारित कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सतत विकास को नई गति प्रदान कर रहे हैं।





