रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।
भाजपा और आजसू के विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण राज्य के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
विधायकों ने कहा कि छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी धांधली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
मरांडी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को नुकसान हो रहा है और सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अपील की कि वे झारखंड में कथित भर्ती अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करें।
राजग विधायकों ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार से युवाओं के हित में स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।




