New Delhi: मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी स्टेप्स (Stapes) है, जो आकार में चावल के एक दाने से भी छोटी होती है। इसकी लंबाई करीब 2 से 3 मिलीमीटर होती है। यह मध्य कान (मिडिल ईयर) में स्थित रहती है और सुनने की पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि यह हड्डी ठीक से काम न करे, तो ध्वनि संकेत मस्तिष्क तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाते और सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
स्टेप्स हड्डी क्या है?
स्टेप्स की आकृति घोड़े की रकाब जैसी होती है, इसलिए इसे स्टिरप बोन भी कहा जाता है। यह मध्य कान में मौजूद तीन छोटी हड्डियों में से एक है। अन्य दो हड्डियां मैलियस और इन्कस हैं। ये तीनों मिलकर ऑसिकल्स (श्रवण अस्थिकाएं) कहलाती हैं और ध्वनि को बाहरी कान से आंतरिक कान तक पहुंचाने का काम करती हैं।
सुनने की प्रक्रिया में कैसे करती है काम?
जब ध्वनि तरंगें कान तक पहुंचती हैं, तो सबसे पहले वे कान के पर्दे (ईयरड्रम) से टकराकर कंपन पैदा करती हैं। यह कंपन मैलियस और इन्कस से होते हुए स्टेप्स तक पहुंचता है। इसके बाद स्टेप्स इस कंपन को आंतरिक कान में स्थित ओवल विंडो तक पहुंचाती है।
आंतरिक कान में मौजूद द्रव और विशेष कोशिकाएं इन कंपन को विद्युत संकेतों में बदल देती हैं। ये संकेत श्रवण तंत्रिका (ऑडिटरी नर्व) के जरिए मस्तिष्क तक पहुंचते हैं, जहां इन्हें आवाज के रूप में पहचाना जाता है।
कब प्रभावित हो सकती है स्टेप्स हड्डी?
स्टेप्स सामान्य परिस्थितियों में कान के भीतर सुरक्षित रहती है और आसानी से क्षतिग्रस्त नहीं होती। हालांकि गंभीर सिर या कान की चोट, कुछ दुर्लभ चिकित्सीय समस्याएं या कान से जुड़ी बीमारियां इसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति की सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
मानव शरीर की सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण हड्डी
एक वयस्क मानव शरीर में औसतन 206 हड्डियां होती हैं। इनमें स्टेप्स सबसे छोटी हड्डी होने के बावजूद सुनने जैसी महत्वपूर्ण संवेदी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि आकार में छोटी होने के बावजूद इसका महत्व बेहद बड़ा माना जाता है।




