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क्या आप जानते हैं? अंतरिक्ष के सबसे करीब माउंट एवरेस्ट नहीं, यह पर्वत है

इक्वाडोर का चिम्बोराजो माउंट समुद्र तल से माउंट एवरेस्ट से कम ऊंचा होने के बावजूद पृथ्वी के केंद्र से सबसे दूर स्थित चोटी माना जाता है। इसकी भौगोलिक स्थिति और स्थानीय समुदायों का जीवन इसे विशेष बनाता है।

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Quito, Ecuador: दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर में स्थित चिम्बोराजो माउंट को पृथ्वी के केंद्र से मापने पर अंतरिक्ष के सबसे निकट स्थित पर्वत माना जाता है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 6,268 मीटर है, जबकि माउंट एवरेस्ट 8,848 मीटर ऊंचा है। इसके बावजूद चिम्बोराजो की चोटी पृथ्वी के केंद्र से अधिक दूर स्थित मानी जाती है।

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चिम्बोराजो अंतरिक्ष के सबसे करीब क्यों है?

इसकी मुख्य वजह पृथ्वी का आकार है। पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है, बल्कि भूमध्य रेखा के पास कुछ उभरी हुई है। चिम्बोराजो माउंट भूमध्य रेखा के बेहद करीब स्थित है। इसी कारण इसकी चोटी पृथ्वी के केंद्र से अधिक दूरी पर है और इसे अंतरिक्ष तथा सूर्य के अपेक्षाकृत अधिक निकट माना जाता है।

माउंट एवरेस्ट से कैसे अलग है?

माउंट एवरेस्ट समुद्र तल से दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है, लेकिन पृथ्वी के केंद्र से दूरी मापने पर चिम्बोराजो की चोटी उससे आगे निकल जाती है। यही कारण है कि दोनों पर्वत अलग-अलग मानकों के आधार पर अपनी-अपनी विशेष पहचान रखते हैं।

पर्वत पर रहने वाले लोगों का जीवन

चिम्बोराजो की ढलानों पर लगभग 3,500 से 4,200 मीटर की ऊंचाई पर क्वेशुआ और पुरुहा आदिवासी समुदाय पीढ़ियों से रह रहे हैं। कम ऑक्सीजन, कड़ाके की ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने जीवन को स्थानीय वातावरण के अनुरूप ढाल लिया है। वे खेती, पशुपालन और दैनिक कार्यों के जरिए आजीविका चलाते हैं।

पारंपरिक जीवनशैली और आजीविका

यहां के लोग मोटी मिट्टी की दीवारों और सूखी घास की छत वाले पारंपरिक घरों में रहते हैं। उनका भोजन आलू, पनीर, पौष्टिक सूप, जड़ी-बूटियों की चाय और स्थानीय मांस पर आधारित होता है। सीमित कृषि योग्य भूमि के कारण अधिकांश परिवार लामा, अल्पाका और विकुना जैसे पशुओं का पालन करते हैं। इन जानवरों की ऊन से गर्म कपड़े और पारंपरिक पोंचो बनाए जाते हैं। लामा पहाड़ी क्षेत्रों में सामान ढोने का भी महत्वपूर्ण साधन हैं।

जलवायु परिवर्तन का दिख रहा असर

स्थानीय समुदाय चिम्बोराजो को केवल एक पर्वत नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक मानते हैं और उसे “पिता चिम्बोराजो” कहकर सम्मान देते हैं। पहले यहां के लोग ग्लेशियर की बर्फ काटकर शहरों तक पहुंचाते थे, लेकिन आधुनिक तकनीक के कारण यह परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है।

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भविष्य की चुनौतियां और नए अवसर

जलवायु परिवर्तन के कारण चिम्बोराजो के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे भविष्य में जल संकट की आशंका बढ़ रही है। वहीं बेहतर अवसरों की तलाश में कई युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय समुदाय पर्यटन, पर्वतारोहण और पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से आजीविका के नए अवसर तलाश रहे हैं।

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