Patna: बिहार में गन्ना की खेती करने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार ने गन्ना यंत्रीकरण योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसानों को 44 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के लिए 1 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य गन्ना खेती में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों की लागत कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
’44 कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान’
गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान अथवा संबंधित यंत्र के लिए निर्धारित अधिकतम अनुदान राशि का लाभ मिलेगा। इसके अलावा यंत्र बैंक की स्थापना पर 80 प्रतिशत तक, अधिकतम 8 लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।
‘आधुनिक तकनीक से घटेगी खेती की लागत’
विभाग का कहना है कि गन्ना खेती में श्रमिकों की कमी, बढ़ती मजदूरी, कृषि कार्यों पर बढ़ते खर्च और आधुनिक मशीनों के सीमित उपयोग को देखते हुए यह योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य बुआई से लेकर गन्ना कटाई तक किसानों को कम लागत में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
‘ऑनलाइन आवेदन और पात्रता की शर्तें’
गन्ना उद्योग विभाग के मुताबिक इस योजना का लाभ केवल गन्ना किसान ही उठा सकेंगे। 20 हजार रुपये से अधिक अनुदान के लिए एलपीसी, अद्यतन मालगुजारी रसीद और वंशावली जमा करना अनिवार्य होगा। जबकि 20 हजार रुपये तक के अनुदान पर एलपीसी और लगान रसीद की आवश्यकता नहीं होगी। इसी श्रेणी में गैर-रैयत (वास्तविक बटाईदार) किसान भी पात्र होंगे। आवेदन से लेकर सत्यापन और अनुदान भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी तथा अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।




