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बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर JPSC सदस्य डॉ. जमाल अहमद का पलटवार: “आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित, अगले 5 दिनों में सार्वजनिक करूंगा पूरी संपत्ति”

पारदर्शिता की मिसाल: JPSC सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने आरोपों को नकारा, कहा— "नैतिकता के लिए पत्नी ने छोड़ा था इंटरव्यू, बच्चे भी JPSC से दूर"

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रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार, असत्य और राजनीति से प्रेरित बताया है। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता का हवाला देते हुए उन्होंने घोषणा की है कि वे अगले पांच दिनों के भीतर अपनी समस्त चल-अचल संपत्तियों और आय का पूरा विवरण जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे।

CBI जांच और नियुक्ति मामले पर सफाई

2008 की व्याख्याता नियुक्ति से जुड़े CBI जांच के आरोपों को खारिज करते हुए डॉ. जमाल अहमद ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में न तो अभियुक्त हैं और न ही किसी न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए हैं। बिना किसी तथ्यात्मक या कानूनी आधार के उनका नाम इस प्रकरण से जोड़ना केवल समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले व्यक्ति के लिए ईमानदारी और चरित्र ही सबसे बड़ी पूंजी होती है।

नैतिकता और पारदर्शिता का दिया हवाला

पद के दुरुपयोग के आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. जमाल अहमद ने अपने परिवार के नैतिक मूल्यों का उदाहरण दिया। उनकी पत्नी, जो 1995-96 में इतिहास विषय में विश्वविद्यालय टॉपर रही हैं, NET क्वालीफाई और PhD होल्डर होने के बावजूद 2022 में JPSC द्वारा आयोजित व्याख्याता इंटरव्यू में शामिल नहीं हुईं। उन्होंने केवल इसलिए इंटरव्यू छोड़ दिया ताकि उनके पति के संवैधानिक पद की गरिमा पर कोई आंच या पक्षपात का आरोप न आए।

इतना ही नहीं, JNU और BIT मेसरा जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने वाले उनके दोनों पुत्रों ने आज तक JPSC की किसी भी परीक्षा में भाग नहीं लिया है। डॉ. अहमद ने कहा कि उनके परिवार या किसी निकट संबंधी ने कभी भी उनके पद का कोई अनुचित लाभ नहीं उठाया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक पदों की मर्यादा आचरण से बनी रहती है। लोकतंत्र में अफवाहों और राजनीतिक पूर्वाग्रहों की जगह तथ्यों और पारदर्शिता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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