रांची: मानसून के मौसम में मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूरे स्वास्थ्य महकमे को हाई अलर्ट पर रहने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने विशेष रूप से रांची, खूंटी और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के सिविल सर्जनों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में मलेरिया नियंत्रण अभियान को युद्धस्तर पर चलाएं। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रत्येक मरीज की समय पर जांच और सही इलाज सुनिश्चित होना चाहिए, क्योंकि इस बीमारी से एक भी मरीज की जान नहीं जानी चाहिए। कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठकों से आगे बढ़कर स्वास्थ्य मंत्री ने खुद डॉक्टरों की एक विशेष टीम के साथ रांची और इसके आसपास के इलाकों का दौरा किया। उन्होंने जमीन पर चल रहे मलेरिया नियंत्रण अभियान और स्वास्थ्य सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. अंसारी ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में फॉगिंग, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (आईआरएस), एंटी-लार्वा अभियान, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और घर-घर जाकर सर्वे करने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया जांच किट, जरूरी दवाइयां, ऑक्सीजन, एंबुलेंस और अन्य जीवनरक्षक संसाधनों की कोई कमी न हो। इसके अलावा उन्होंने डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया और टाइफाइड जैसी मौसमी बीमारियों की भी लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि बुखार या कोई भी गंभीर लक्षण दिखने पर बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।





