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डुमरी (गुमला): डुमरी प्रखंड के नावाडीह पंचायत भवन में बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय, गुमला की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया। सुबह से ही पंचायत भवन परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों की जांच तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया।
शिविर के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) सतेंद्र महतो ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
DTO ने बताया कि सरकार का उद्देश्य परिवहन विभाग की सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत समय-समय पर प्रखंड और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सुविधाओं का लाभ मिल सके।
शिविर में परिवहन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आवेदकों के दस्तावेजों की जांच की और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी दी। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर शिविर लगने से उनका समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बचा है।
इस अवसर पर डुमरी प्रखंड प्रमुख जीवंती एक्का, नावाडीह पंचायत के मुखिया चेतन, जिला परिवहन कार्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने लोगों से वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में भी पंचायत स्तर पर ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके।

