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मीनाक्षी मदन राय बनीं पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस, ली शपथ!

Patna: बिहार की न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक इतिहास में आज एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने शुक्रवार (5 जून 2026) को पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में गरिमामय पद एवं गोपनीयता

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Patna: बिहार की न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक इतिहास में आज एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने शुक्रवार (5 जून 2026) को पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में गरिमामय पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राजधानी पटना स्थित बिहार लोकभवन में आयोजित एक विशेष भव्य समारोह में राज्य के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने उन्हें आधिकारिक रूप से शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाल लिया है।

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई दिग्गज रहे मौजूद

इस हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव सहित राज्य न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी, शीर्ष प्रशासनिक अफसर और विभिन्न क्षेत्रों की अनेक गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। शपथ ग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपस्थित सभी अतिथियों ने न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को इस नई और बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।

न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू की ली जगह, बनीं दूसरी महिला चीफ जस्टिस

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के सेवानिवृत्त (रिटायर) होने के बाद यह महत्वपूर्ण दायित्व संभाला है। न्यायमूर्ति साहू 4 जून 2026 को अपने पद से सेवामुक्त हुए थे, जिसके ठीक अगले दिन 5 जून 2026 को न्यायमूर्ति राय ने कार्यभार ग्रहण किया। इस नियुक्ति के साथ ही उनके नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है; वह पटना उच्च न्यायालय के इतिहास में मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश बन गई हैं।

सिक्किम से दिल्ली और फिर न्यायपालिका का सफर

  • प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा गंगटोक की प्रसिद्ध ताशी नामग्याल अकादमी (तत्कालीन नामगचेन स्कूल) से हुई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आईं, जहां उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक (Graduation) किया। इसके बाद वर्ष 1989 में उन्होंने डीयू के ही कैंपस लॉ सेंटर (CLC) से एलएलबी (Law) की डिग्री हासिल की।

  • करियर की शुरुआत: वर्ष 1990 में दिल्ली बार एसोसिएशन में नामांकित होकर उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय और देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में एक अधिवक्ता के रूप में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। इसी दौरान उन्होंने सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा पास की और न्यायिक सेवा में कदम रखा। उन्होंने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट) समेत विभिन्न उच्च पदों पर रहकर लंबा कानूनी अनुभव प्राप्त किया।

सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला जज का गौरव

न्यायिक क्षेत्र में उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड और उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम उच्च न्यायालय का स्थाई न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह सिक्किम हाईकोर्ट के इतिहास में नियुक्त होने वाली पहली महिला न्यायाधीश भी रहीं। मुख्य न्यायाधीश के रूप में इस बड़ी नियुक्ति से पहले उन्होंने वर्ष 2018, 2019, 2020 और हाल ही में वर्ष 2025 व 2026 में भी कई बार सिक्किम उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) के रूप में सफलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन किया था।

कॉलेजियम की सिफारिश और संक्षिप्त कार्यकाल

उल्लेखनीय है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कॉलेजियम ने बीती 22 मई 2026 को न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की आधिकारिक सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद महामहिम राष्ट्रपति के आदेश से उनकी नियुक्ति अधिसूचित की गई।

मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति राय का कार्यकाल अपेक्षाकृत काफी संक्षिप्त (छोटा) रहने वाला है, क्योंकि नियमों के अनुसार वे आगामी 12 जुलाई 2026 को अपनी आयु सीमा पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाली हैं। इसके बावजूद, कानूनी गलियारों का मानना है कि उनके व्यापक अनुभव, न्यायिक सूझबूझ और प्रशासनिक दक्षता से पटना उच्च न्यायालय के कामकाज को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।

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