अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
New Delhi: देश के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और फायरब्रांड नेता के. अन्नामलाई का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने इस बात की लिखित और औपचारिक पुष्टि की है। इस बड़े फैसले के बाद तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भारी गर्माहट आ गई है।
दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया पर लाइव: बड़े फैसले की उम्मीद
पार्टी से पूरी तरह नाता टूटने के बाद, के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे जनता और अपने समर्थकों से संवाद (लाइव) करने जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया हलकों में यह प्रबल दावा किया जा रहा है कि इस वर्चुअल संवाद के जरिए वे अपनी नई राजनीतिक पारी को लेकर कोई बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला या घोषणा कर सकते हैं। अन्नामलाई के लाखों प्रशंसक और समर्थक भी लंबे समय से यही चाहते हैं कि वे स्वतंत्र रूप से कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाएं। खुद अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि वह लोगों से ऑनलाइन मुलाकात करने, विचारों के आदान-प्रदान और इस खुले संवाद को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
शाह और नितिन नवीन से मुलाकात भी रही बेअसर
चौंकाने वाली बात यह है कि इस्तीफा स्वीकार होने से ठीक पहले के. अन्नामलाई ने देश की राजधानी दिल्ली का एक बेहद महत्वपूर्ण दौरा किया था। दिल्ली में उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लंबी मुलाकात की थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट कर अपनी भविष्य की राजनीतिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की थी। इन हाई-प्रोफाइल मुलाकातों के बाद सियासी गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा आलाकमान अन्नामलाई को मनाने में कामयाब रहेगा और उन्हें पार्टी में रोक लिया जाएगा। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद सहमति नहीं बन पाई और अब सबकी नजरें अन्नामलाई के आगामी मीडिया संवाद पर टिक गई हैं।
आईपीएस की नौकरी छोड़ बने थे तमिलनाडु में भाजपा का चेहरा
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी रहे अन्नामलाई ने साल 2020 में खाकी वर्दी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अपनी आक्रामक और बेबाक शैली के कारण वे बहुत तेजी से तमिलनाडु में पार्टी के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय चेहरे बनकर उभरे। साल 2021 से 2025 तक राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई सफल और आक्रामक राज्यव्यापी अभियानों (जैसे पदयात्रा) का नेतृत्व किया, जिसने तमिलनाडु के युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया पर भाजपा का एक बेहद मजबूत कोर सपोर्ट बेस तैयार कर दिया।
Read more: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव, कर्नाटक से दिल्ली जाएंगे ये दिग्गज!
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था, क्योंकि भाजपा के सबसे जाने-माने और बड़े चेहरे होने के बावजूद उन्होंने खुद यह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अन्नामलाई अब क्षेत्रीय राजनीति में अपनी एक स्वतंत्र राह अपनाने के लिए पूरी तरह दृढ़ दिखाई दे रहे हैं। इस बीच, तमिलनाडु की सियासी जमीन पर उनके द्वारा एक नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी के गठन की अटकलें और संभावनाएं अब काफी मजबूत हो गई हैं।

