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रांची: झारखंड को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाने और राज्य में निवेश की रफ्तार को नई उड़ान देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। वर्तमान में राज्य के भीतर करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की विशाल निवेश परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिन्हें धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम चल रहा है।
इस बीच, उद्योग जगत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार बेहद जल्द एक दूरदर्शी और सर्वसमावेशी ‘नई झारखंड औद्योगिक नीति’ लागू करने जा रही है। यह महत्वपूर्ण जानकारी उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने मंगलवार को रांची में आयोजित एक उच्च स्तरीय ‘सरकार-उद्योग राउंडटेबल’ बैठक के दौरान दी।
कौशल विकास के लिए बनेगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) झारखंड और सीआईआई राष्ट्रीय खनन एवं निर्माण उपकरण प्रभाग (MCED) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में सरकार के आला अधिकारियों और देश की दिग्गज खनन व इस्पात कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने औद्योगिक घरानों से नीति को और बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव मांगे। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार रांची में एक अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Center of Excellence) स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। यह सेंटर न केवल तकनीकी नवाचार (Technical Innovation) को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और औद्योगिक दक्षता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
ग्रीन माइनिंग और आधुनिक तकनीकों पर मंथन
इस राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान भविष्य की खरीद आवश्यकताओं, खदानों के डिजिटलीकरण व आधुनिकीकरण, सतत विकास (Sustainable Development) और मजबूत सप्लायर इकोसिस्टम जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, झारखंड के माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नई तकनीकों व खनन उपकरणों के विद्युतीकरण (Electrification) को अपनाने पर सहमति बनी।
सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के अध्यक्ष दिलू पारिख और टीकेआईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विवेक भाटिया ने राज्य में महत्वपूर्ण खनिजों के दोहन और ‘क्लीन टेक्नोलॉजी’ (स्वच्छ तकनीक) के बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया। उद्योग जगत ने सरकार से नीलामी प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता, स्पष्टता और उन्नत तकनीकों के तेजी से इस्तेमाल की मांग की है।
शीर्ष अधिकारियों और उद्योगपतियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण मंथन में खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, उद्योग निदेशक विशाल सागर, जियाडा (JIADA) एवं जूडको (JUDCO) के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन सहित टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डीबी सुंदरा रमण और कई बड़े कॉरपोरेट लीडर्स उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई नीति के लागू होने से न केवल झारखंड में रिकॉर्ड तोड़ निवेश आएगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

