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रांची: राजधानी के डोरंडा थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक बंद घर में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना, जेवर खरीदने वाले सोनार और एक विधि-विरुद्ध किशोर सहित कुल 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के भारी मात्रा में जेवर, नगदी और आईफोन समेत कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
8 मई को हुई थी वारदात
घटना 8 मई 2026 की है, जब डोरंडा के वाजपेयी पथ स्थित एक बंद घर का ताला तोड़कर अज्ञात अपराधियों ने करीब 5 लाख रुपये के जेवरात और 50 हजार रुपये नगद चोरी कर लिए थे। इस संबंध में डोरंडा थाना में कांड संख्या 121/26 दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
चैट से खुला राज, सोनार भी शामिल
पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर छापेमारी कर मो. नकीब (सोनार), मो. सारूफ, मो. सिम्बाज, मो. जैद, मो. सैफ उर्फ सैम, मो. कैफ उर्फ चुसू और एक नाबालिग को पकड़ा। जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुख्य आरोपित मो. नकीब और मो. सैफ के मोबाइल में चोरी के जेवर की खरीद-बिक्री से संबंधित व्हाट्सएप चैट भी मिले, जिसने पुलिस के संदेह को यकीन में बदल दिया।
बरामदगी का विवरण
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सोना: करीब 21.6 ग्राम सोने के जेवर (अंगूठी, झुमका, नोजपिन, मंगलसूत्र), जिसकी कीमत करीब 3.20 लाख रुपये है।
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चांदी: 219.48 ग्राम चांदी के आभूषण (पायल, बिछिया, कमरबंद), जिसकी कीमत करीब 63 हजार रुपये है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स: आईफोन 15, मोटोरोला, सैमसंग, पोको और रेडमी के मोबाइल फोन।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने करीब 1.5 लाख रुपये के सोने और 1.5 लाख रुपये के चांदी के जेवर गलाकर बेच दिए थे। कुल बरामद और गलाए गए जेवरों का अनुमानित मूल्य करीब 6.83 लाख रुपये आंका गया है।
पुलिस टीम की सफलता
इस छापेमारी दल में हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा, डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद, आजाद अंसारी, रितेश कुमार पांडेय, रीना दास समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और अन्य वारदातों में इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

