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‘नकली खेल’ का भंडाफोड़ : फ्लैट में चल रही थी HP के डुप्लीकेट पार्ट्स की फैक्ट्री

रांची: राजधानी में पुलिस ने एक बड़े जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नामी कंपनी HP के नाम पर नकली कंप्यूटर पार्ट्स का काला कारोबार चला रहा था। चुटिया थाना क्षेत्र में हुई इस छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि किस तरह

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रांची: राजधानी में पुलिस ने एक बड़े जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नामी कंपनी HP के नाम पर नकली कंप्यूटर पार्ट्स का काला कारोबार चला रहा था। चुटिया थाना क्षेत्र में हुई इस छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि किस तरह शहर के रिहायशी इलाकों में छिपकर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर ग्राहकों को ठगा जा रहा था।

मालाबार रिसोर्ट के फ्लैट में ‘नकली साम्राज्य’

सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरी कार्रवाई HP कंपनी के एक अधिकृत पदाधिकारी की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई। कंपनी को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रांची के बाजार में उनके नाम पर घटिया और नकली सामान बेचा जा रहा है।

पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और चुटिया स्थित मालाबार रिसोर्ट के एक फ्लैट में दबिश दी। जब पुलिस अंदर पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। एक साधारण सा दिखने वाला फ्लैट दरअसल एक मिनी फैक्ट्री में तब्दील हो चुका था।

बरामदगी देख पुलिस भी रह गई दंग

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में वह सामान बरामद किया जिसे असली बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जाना था। जब्त किए गए सामानों की लिस्ट लंबी है:

  • नकली टोनर और इंक: 170 नकली टोनर बॉक्स और 45 इंक की बोतलें।

  • पैकेजिंग सामग्री: 600 बबल बैग, 810 कूरियर स्टिकर और 390 एमआरपी स्टिकर।

  • सबसे अहम सबूत: 330 नकली होलोग्राम और 590 बाहरी बॉक्स शीट, जिनसे ग्राहकों को यह यकीन दिलाया जाता था कि सामान असली है।

इतना ही नहीं, पुलिस ने वह मशीनें भी जब्त की हैं जिनका इस्तेमाल इन नकली सामानों को फिनिशिंग देने के लिए किया जाता था। इसमें एम्बॉसिंग लेजर मशीन, एमआरपी प्रिंट मशीन, पंचिंग मशीन और ग्लू गन जैसे उपकरण शामिल हैं।

एक गिरफ्तार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

पुलिस ने इस अवैध धंधे के मास्टरमाइंड माने जा रहे राकेश कुमार बारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 103/104 और ट्रेड मार्क एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और रांची के किन-किन दुकानों पर ये नकली सामान सप्लाई किए जा रहे थे।

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