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12 फरवरी को थमेगा हटिया का चक्का, लेबर कोड के खिलाफ मजदूरों ने फूंका बिगुल

रांची: झारखंड के औद्योगिक हृदय स्थल हटिया (HEC) में बुधवार को मजदूरों का भारी आक्रोश देखने को मिला। ‘हटिया मजदूर यूनियन (सीटू)’ की ओर से एफएफपी शेड में आयोजित एक विशाल सभा में एचईसी कर्मियों ने 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक

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रांची: झारखंड के औद्योगिक हृदय स्थल हटिया (HEC) में बुधवार को मजदूरों का भारी आक्रोश देखने को मिला। ‘हटिया मजदूर यूनियन (सीटू)’ की ओर से एफएफपी शेड में आयोजित एक विशाल सभा में एचईसी कर्मियों ने 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे अपने अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे।

सभा की अध्यक्षता कर रहे यूनियन अध्यक्ष भवन सिंह ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नई चार श्रम संहिताएं (Labour Codes) मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर ‘फैसिलिटेटर’ प्रणाली लाना दरअसल फैक्ट्रियों से मजदूरों की आवाज दबाने का तरीका है। यूनियन का दावा है कि इन नए कानूनों के जरिए हड़ताल करने जैसे लोकतांत्रिक अधिकारों को भी बेहद जटिल और दंडनीय बना दिया गया है।

सभा में बैंक फेडरेशन के नेता एम.एल. सिंह ने भी शिरकत की। उन्होंने मजदूरों को सूचित किया कि आगामी 25 फरवरी को रांची में एक और महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें प्रमोशन, बकाया मांगों और छुट्टियों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मजदूरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे ऑनलाइन जटिलताओं और कॉरपोरेट-परस्त नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। राजेंद्र कुमार, दिनेश बैठा और महेंद्र कुमार सहित सैकड़ों श्रमिकों की मौजूदगी में यह तय हुआ कि 12 फरवरी को एचईसी के सभी विभागों में कामकाज ठप रहेगा।

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