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100 साल का रिकॉर्ड टूटा: अमेरिका में जम गई जिंदगी, पेड़ों से गिरने लगीं छिपकलियां!

Florida, (US): अमेरिका में ‘बॉम्ब साइक्लोन’ (Bomb Cyclone) ने ऐसा तांडव मचाया है कि प्रकृति के साथ-साथ वन्यजीव भी बेबस नजर आ रहे हैं। फ्लोरिडा, जिसे अपनी खुशनुमा गर्मी के लिए जाना जाता है, वहां इस वक्त 1923 के बाद सबसे भीषण ठंड पड़ रही

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Florida, (US): अमेरिका में ‘बॉम्ब साइक्लोन’ (Bomb Cyclone) ने ऐसा तांडव मचाया है कि प्रकृति के साथ-साथ वन्यजीव भी बेबस नजर आ रहे हैं। फ्लोरिडा, जिसे अपनी खुशनुमा गर्मी के लिए जाना जाता है, वहां इस वक्त 1923 के बाद सबसे भीषण ठंड पड़ रही है। ऑरलैंडो में तापमान गिरकर -4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे वहां के पेड़ों पर रहने वाले इगुआना (बड़ी छिपकलियां) कड़ाके की ठंड में सुन्न होकर जमीन पर गिरने लगे हैं। स्थानीय लोग इसे ‘इगुआना की बारिश’ कह रहे हैं।

ठंड ने शरीर को किया सुन्न, सड़कों पर पड़ा ‘ढेर’

इगुआना ठंडे खून वाले (Cold-blooded) जीव होते हैं। जब तापमान गिरता है, तो उनका शरीर जमने लगता है और वे अपनी पकड़ खो देते हैं। फ्लोरिडा की सड़कों और फुटपाथों पर सैकड़ों की संख्या में बेसुध इगुआना पड़े देखे जा रहे हैं। प्रशासन ने इमरजेंसी आदेश जारी कर लोगों से इन जीवों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की अपील की है। बचाव कर्मियों के अनुसार, अकेले कुछ घंटों में ही सैकड़ों किलो इगुआना सड़कों से हटाए गए हैं।

नॉर्थ कैरोलिना में ‘सफेद मौत’ का तांडव

तूफान का सबसे विनाशकारी रूप नॉर्थ कैरोलिना में देखा गया, जहां 56 सेंटीमीटर तक बर्फ जम गई है। गवर्नर जोश स्टाइन के अनुसार, पिछले 48 घंटों में 1,000 से अधिक सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। गैस्टोनिया में एक ट्रक और ट्रेन की टक्कर ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। खराब विजिबिलिटी और फिसलन की वजह से यातायात पूरी तरह चरमरा गया है।

अंधेरे में 1.5 लाख घर, हजारों उड़ानें रद्द

  • बिजली संकट: मिसिसिपी, टेनेसी और लुइसियाना समेत कई राज्यों में करीब 1.58 लाख लोग बिना बिजली और हीटिंग के रहने को मजबूर हैं।

  • हवाई सेवाएं ठप: अकेले शार्लोट डगलस एयरपोर्ट से 800 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं, जिससे यात्री एयरपोर्ट पर ही फंस गए हैं।

  • फ्रॉस्टबाइट का खतरा: प्रशासन ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे घरों के अंदर ही रहें, क्योंकि बर्फीली हवाओं से फ्रॉस्टबाइट (अंगों का सुन्न होकर गलना) का खतरा बढ़ गया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फबारी कम हो सकती है, लेकिन भीषण ठंड अभी कुछ और दिनों तक जारी रहेगी, जो मुश्किलों को और बढ़ा सकती है।

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