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ईडी समन अवमानना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिली जमानत

Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को ईडी के समन का पालन नहीं करने से संबंधित मामले में रांची स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सशरीर उपस्थित हुए। अदालत में निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने 7-7 हजार रुपये के दो

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Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को ईडी के समन का पालन नहीं करने से संबंधित मामले में रांची स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सशरीर उपस्थित हुए। अदालत में निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने 7-7 हजार रुपये के दो बेल बॉन्ड भरे, जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।

मुख्यमंत्री की पेशी के दौरान राज्य के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन भी अदालत में मौजूद रहे। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पूरी कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय ने हेमंत सोरेन की उस याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थित होने से छूट की मांग की थी। हाई कोर्ट ने 4 दिसंबर को अपना अंतरिम आदेश समाप्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया था कि मुख्यमंत्री को सशरीर एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर बेल बॉन्ड जमा करना होगा। अदालत ने यह भी कहा था कि ट्रायल की प्रक्रिया बिना देरी के आगे बढ़े।

हाई कोर्ट के निर्देश के पालन में शनिवार को मुख्यमंत्री अदालत पहुंचे और बेल बॉन्ड दाखिल किया। जमानत मिलने के बाद अब उन्हें इस मामले की अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। अगली तारिख पर वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।

ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ समन का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए वर्ष 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी। यह मामला एमपी-एमएलए विशेष अदालत में कांड संख्या 2/2024 के रूप में दर्ज है, जिसकी सुनवाई अभी जारी है। ईडी का आरोप है कि पूछताछ के लिए जारी समन के बावजूद मुख्यमंत्री ने उपस्थित होने में देरी की, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।

राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं हैं, वहीं कानूनी रूप से यह मामला आगे बढ़ रहा है। जमानत मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने बयान देने से परहेज किया, परंतु सूत्रों के अनुसार वे नियमानुसार न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग जारी रखेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार और राजनैतिक हलकों में हलचल तेज है। हालांकि कानूनी रूप से राहत मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री आगे की सुनवाई में डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे, जिससे उनके सरकारी कार्यों के संचालन पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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