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प्रसव के नाम पर अवैध वसूली, एंबुलेंस से लेकर नर्स तक पर पैसे ऐंठने का गंभीर आरोप

Gumla (Chainpur) अनुमंडल अस्पताल में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में है। सरकारी दावों के विपरीत, केंद्र पर प्रसव के लिए आने वाली गरीब गर्भवती महिलाओं से अवैध वसूली किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों का

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Gumla (Chainpur) अनुमंडल अस्पताल में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में है। सरकारी दावों के विपरीत, केंद्र पर प्रसव के लिए आने वाली गरीब गर्भवती महिलाओं से अवैध वसूली किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि 108 एंबुलेंस सेवा से लेकर अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों तक, प्रसव के नाम पर उनसे खुलेआम पैसे ऐंठे जा रहे हैं।एंबुलेंस और नर्स, दोनों ने वसूले 500-500 रुपये ताजा मामला दत्तरा गांव निवासी अनीता कुजूर से जुड़ा है।

“मिठाई खाने” के नाम पर भी मांगे पैसे

मिली जानकारी के मुताबिक, अनीता को प्रसव पीड़ा होने पर चैनपुर 108 एंबुलेंस गाड़ी संख्या जेएच–01–सीजी–8653 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। पीड़िता का आरोप है कि एंबुलेंस के चालक और उपचालक ने उन्हें अस्पताल पहुँचाने के एवज में 500 रुपये की वसूली की।अनीता की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। अस्पताल में प्रसव होने के बाद, आरोप है कि वहां मौजूद एक नर्स द्वारा उनसे अतिरिक्त 500 रुपये की वसूली की गई। पीड़िता अनीता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह अपने छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर आई थीं और उनके पास बच्चों को कुछ खिलाने तक के लिए पैसे नहीं थे। महिला की इस दयनीय स्थिति को देखकर चैनपुर के एक स्थानीय संवाददाता शिवम कुमार ने मानवता दिखाते हुए उन्हें 500 रुपये की आर्थिक मदद की।

ऐसा ही एक अन्य मामला कुरूमगा निवासी आशा देवी के साथ भी हुआ। आशा देवी ने बताया कि प्रसव होने के बाद अस्पताल की नर्सों द्वारा “मिठाई खाने” के नाम पर उनसे 200 रुपये की मांग की गई और पैसे लिए गए।

गरीबों की कमर तोड़ रही वसूली

गौरतलब है कि चैनपुर प्रखंड एक अति सुदूरवर्ती क्षेत्र है, जहाँ की अधिकांश आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करती है। यहाँ के लोग रोजाना रेजा-कुली या दिहाड़ी मजदूरी करके, या फिर घर में रखे थोड़े-बहुत धान-चावल बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं व इलाज कराते हैं।ऐसे में, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त इलाज और निःशुल्क एंबुलेंस सेवा के बजाय इस तरह की अवैध वसूली ने गरीब ग्रामीणों की कमर तोड़ दी है। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई हो: जिला परिषद

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा, “चैनपुर क्षेत्र में इस तरह का रवैया बहुत ही निंदनीय है। यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारियों और संलिप्त कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

ACMO बोले: जांच कर होगी कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलने पर, एसीएमओ सह चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. धनुराज सुब्रह्मरु ने कहा, “आप लोगों के द्वारा सूचना मिली है। मामले की जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके ऊपर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसव या एंबुलेंस के लिए किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लगता है और ग्रामीणों से अपील की कि वे इस तरह का कोई पैसा किसी को न दें।

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