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हजरत रिसालदार शाह बाबा की दरगाह सूफी अमन और भाईचारे का प्रतीक : डॉ. सरफराज

Ranchi : हजरत रिसालदार शाह बाबा की दरगाह पर शनिवार को 218वां सालाना उर्स मुबारक का तीसरा दिन बड़े धूमधाम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ दरगाह परिसर में उमड़ी, जहां सभी ने बाबा की बारगाह में हाजिरी

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Ranchi : हजरत रिसालदार शाह बाबा की दरगाह पर शनिवार को 218वां सालाना उर्स मुबारक का तीसरा दिन बड़े धूमधाम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ दरगाह परिसर में उमड़ी, जहां सभी ने बाबा की बारगाह में हाजिरी दी और चादर चढ़ाकर अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी।

इस दौरान राज्यसभा सांसद और झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सरफराज अहमद एवं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य डॉ. जमाल अहमद विशेष रूप से चादरपोशी के लिए पहुंचे। द्वय गणमान्य ने दरगाह परिसर में पहुंचकर बाबा की मजार पर चादरपोशी की और परंपरागत तरीके से फातिहा पढ़कर प्रदेश और देश की तरक्की की दुआ की।

इस अवसर पर डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि हजरत रिसालदार शाह बाबा केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत पूर्वी भारत के लाखों लोगों की अकीदत का केंद्र हैं। साल में एक बार आयोजित होने वाला यह पांच दिवसीय उर्स मुबारक सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करता है।

उन्होंने कहा कि हर साल लाखों की संख्या में लोग उर्स में शामिल होते हैं, ऐसे में बाबा की मजार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इससे न सिर्फ बाबा के चाहने वालों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. जमाल अहमद ने भी उर्स के आयोजन को “सुकून देने वाला और रूहानी अनुभव” बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहां नफरत और नकारात्मकता का माहौल बढ़ता जा रहा है, वहीं ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज को शांति और प्रेम का संदेश मिलता है।

इस खास मौके पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य वारिश कुरैशी, दरगाह कमेटी के सदर अयूब गद्दी, महासचिव मोहम्मद जावेद अनवर, रिज़वान हुसैन, जुल्फिकार अली भुट्टो, मोहम्मद सादिक, पप्पू गद्दी, शाहिद खान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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