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अजरबैजान से भारत लाया गया झारखंड का कुख्यात अपराधी मयंक सिंह, रामगढ़ कोर्ट में होगा पेश

Ranchi News: झारखंड पुलिस के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा, जब मोस्ट वांटेड कुख्यात अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा को अजरबैजान से भारत लाया गया। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मयंक को लेकर बिरसा मुंडा

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Ranchi News: झारखंड पुलिस के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा, जब मोस्ट वांटेड कुख्यात अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा को अजरबैजान से भारत लाया गया। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मयंक को लेकर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची पहुंची और फिर सीधे रामगढ़ कोर्ट ले जाया गया। कोर्ट में पेशी के बाद एटीएस की टीम मयंक को रिमांड पर लेगी।

झारखंड एटीएस के एसपी ऋषभ झा खुद इस मिशन का नेतृत्व करते हुए अजरबैजान गए थे। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक मयंक सिंह के खिलाफ राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 48 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक मामले हजारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी, कोर्रा और हजारीबाग सदर थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह में भी उसके खिलाफ संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं।

सूत्रों के अनुसार मयंक सिंह पर हत्या, लूट, रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे कई गंभीर आरोप हैं। यही कारण है कि उसे पकड़ने और भारत लाने के लिए झारखंड पुलिस ने लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी की। एटीएस ने अजरबैजान गणराज्य से प्रत्यार्पण कराने के लिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से एक्सट्रैडिशन डोजियर भेजा था। इस पर बाकु अपराध न्यायालय ने 27 जनवरी 2025 को भारत प्रत्यर्पण की अनुमति दी थी।

गौरतलब है कि मयंक सिंह को 29 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान में डिटेन किया गया था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में कई महीने लगे। अंततः 22 अगस्त 2025 को अजरबैजान सरकार ने उसे भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया। इस ऑपरेशन में सीबीआई नई दिल्ली और विदेश मंत्रालय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मयंक सिंह से पूछताछ केवल झारखंड पुलिस ही नहीं बल्कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ पुलिस भी करेगी। इन दोनों राज्यों में भी उसके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी थानों में दर्ज केसों की समीक्षा पूरी कर ली है। अब अदालत में मयंक को सजा दिलवाने के लिए सबूत और गवाहों को मजबूत किया जा रहा है।

रामगढ़ कोर्ट में मयंक की पेशी के बाद पुलिस रिमांड पर लेकर उससे कई अहम मामलों की तहकीकात करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि उसके रिमांड के दौरान कई बड़े आपराधिक नेटवर्क और साजिशों का खुलासा हो सकता है।

झारखंड पुलिस का यह ऑपरेशन ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि पहली बार राज्य के किसी कुख्यात अपराधी को विदेश से प्रत्यार्पण कर भारत लाया गया है। यह सफलता न केवल एटीएस के लिए बड़ी उपलब्धि है बल्कि उन जिलों के लिए भी राहत है जहां मयंक सिंह के आतंक से लोग परेशान थे।

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