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90% विवाद जमीन से जुड़े: लोहरदगा में पीडीजे राजकमल मिश्रा ने पीएलवी को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

Lohardaga News: व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभा कक्ष में मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) राजकमल मिश्रा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लोहरदगा एवं ग्राम नियोजन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘भूमि बोध’ विषय पर एक

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Lohardaga News:  व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभा कक्ष में मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) राजकमल मिश्रा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लोहरदगा एवं ग्राम नियोजन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘भूमि बोध’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) को भूमि संबंधी कानूनों एवं प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देकर आम जनता को बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा, डालसा सचिव मनोरंजन कुमार, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा, संघ के सचिव लाल दीपक कुमार, ग्राम नियोजन केंद्र के फील्ड मैनेजर इस्तियाक अहमद तथा लैंडेशा के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. हिमल पोखरेल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पीडीजे राजकमल मिश्रा ने कहा कि यदि न्यायालयों में लंबित मामलों का विश्लेषण किया जाए तो लगभग 90 प्रतिशत विवाद किसी न किसी रूप में भूमि से जुड़े होते हैं, जो समय के साथ आपराधिक मामलों का रूप भी धारण कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि अशिक्षा, जागरूकता की कमी और आवश्यक दस्तावेजों का अभाव भूमि विवादों की सबसे बड़ी वजह है। कई मामलों में लोग आपसी सहमति से विवाद तो सुलझा लेते हैं, लेकिन उसे विधिवत दस्तावेज का रूप नहीं देते, जिसका फायदा बाद में असामाजिक या चालाक तत्व उठा लेते हैं। उन्होंने पीएलवी से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को भूमि संबंधी अधिकारों एवं कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हेमंत कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिकांश लोगों को भूमि संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं और उनके समाधान की सही जानकारी नहीं होती। उन्होंने पीएलवी से स्वयं प्रशिक्षित होकर समाज में लोगों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रशिक्षित पीएलवी आम लोगों की भूमि संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान कराने में सक्षम होंगे, तभी डालसा का यह अभियान सफल माना जाएगा।
डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने कहा कि पीएलवी पहले स्वयं भूमि कानूनों और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें, तभी वे जरूरतमंद लोगों का सही मार्गदर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद अक्सर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते रहते हैं। ऐसे में पीएलवी की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को कानूनी जानकारी दें तथा विवादों के शांतिपूर्ण और वैधानिक समाधान के लिए प्रेरित करें। कार्यशाला में प्रतिभागियों को भूमि के विभिन्न प्रकार, भूमि स्वामित्व के लाभ, आवश्यक दस्तावेजों का महत्व, रजिस्ट्री, म्यूटेशन, राजस्व विभाग के अधिकारियों के कार्य एवं दायित्व, भूमि अभिलेखों की जानकारी तथा ऑनलाइन खतियान देखने की प्रक्रिया सहित भूमि से जुड़े विभिन्न कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार व्यवहार न्यायालय अमित कुमार गुप्ता, चीफ एलएडीसीएस नसीम अंसारी, उमेश कुमार, नारायण साहू, भूपेंद्र कुमार, सुदामा साहू, इंद्राणी कुजूर, नेमहंती मिंज, मंजू खाखा, रवि कुमार, रोहित कुमार, गौतम लेनिन, धनेश्वर साहू, जीत नारायण शाही, प्रद्युम्न सिंह, वीरचंद भगत, देवमणि कुमारी, अनीता कर्मकार, सुनीता उरांव, मीना कुमारी, अजहर अहमद, अणिमा एक्का, संतोष भगत, कलिंदर उरांव, प्रियांशु यादव, पुन्नू देवी, सुरेश प्रसाद, दीपक साहू, श्रीमती कुमारी, दुखिता मिंज, सारू कुंवर गोप सहित बड़ी संख्या में पीएलवी एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे।

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