Ranchi : उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार रांची जिले के सभी प्रखंडों में आज “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” योजना के तहत व्यापक प्रशिक्षण एवं सामाजिक विकास गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल सम्मान राशि तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ना है।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना से हुई। इसके बाद महिलाओं और ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा हुई, जहाँ उन्हें बताया गया कि वे बकरी, मुर्गी, बतख और सूकर पालन जैसे रोजगारपरक कार्यों के माध्यम से स्थायी आय अर्जित कर सकती हैं। महिलाओं को यह भी समझाया गया कि 100 मुर्गियों से अंडा उत्पादन जैसी गतिविधि अपनाकर वे नियमित आमदनी सुनिश्चित कर सकती हैं।

आज जिले के 64 सामुदायिक स्तरीय संघ (CLF) और 1016 ग्राम संगठन (VO) द्वारा कुल 1078 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 53,690 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ सक्रिय रूप से शामिल हुईं। विभिन्न आजीविका गतिविधियों हेतु प्राप्त आवेदनों की संख्या इस प्रकार रही –

  • बकरी पालन: 10,212 आवेदन
  • मुर्गी पालन: 23,623 आवेदन
  • बतख पालन: 9,745 आवेदन
  • सूकर पालन: 565 आवेदन
  • अंडा उत्पादन: 469 आवेदन

इसके अलावा, DDU-GKY के अंतर्गत मोबिलाइजेशन गतिविधियों में 973 उम्मीदवारों का पंजीकरण किया गया, वहीं RSETI के लिए 1,191 नए उम्मीदवार जोड़े गए।

जिला प्रशासन ने संकल्प दोहराया कि “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” पहल महिलाओं के जीवन में स्थायी बदलाव लाएगी। योजना का मकसद है हर महिला को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना ताकि वे समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकें।

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