Ranchi : पुलिस ने नामकुम थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संगठित मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के 15 सदस्य अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं और इनके पास से 22 महंगी मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

13 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे वरीय पुलिस पदाधिकारी को सूचना मिली कि रांची-टाटा मुख्य मार्ग पर बंद पड़े “टी पॉइंट होटल” के पास कुछ युवक चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करने पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रांची के निर्देशन में, वरीय पुलिस उपाधीक्षक प्रथम रांची के नेतृत्व में नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों की एक छापामारी टीम गठित की गई।

टीम जैसे ही रामपुर के आगे बताए गए स्थान पर पहुंची, होटल के बरामदे में बैठे 5-6 युवक पुलिस को देखकर तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

गिरफ्तार युवकों की पहचान रूपेश कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह उर्फ चिराग (धनबाद), प्रेम कुमार सइस (सिल्ली), विनोद कुमार महतो (सोनाहातू), रोनित कुमार (मुरी), आयुष महतो (सुखदेव नगर) और करण कुमार महतो (सिल्ली) के रूप में हुई।
इनके पास से तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं-ग्रे रंग की पल्सर बिना नंबर प्लेट, काली पल्सर (JH01CJ-3457) एवं टीव्हीएस अपाचे RTR 200 (JH01CQ-2595)। सभी बाइक के कागजात मांगने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि ये बाइकें चोरी की हैं, जिन्हें बेचने के लिए वे वहां जुटे थे।

गिरोह का खुलासा और तरीका

पूछताछ के दौरान अपराधियों ने बताया कि वे एक संगठित मोटरसाइकिल चोरी सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं, जिसमें 15 से 20 सदस्य सक्रिय हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग टीमें बनाकर बाजारों, हाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते हैं और महंगी बाइकें चोरी कर लेते हैं। इसके बाद वाहनों के नंबर प्लेट बदलकर उन्हें सिल्ली, मुरी, रांची सहित झारखंड के अन्य जिलों में सस्ते दामों पर बेच दिया जाता है। चोरी की बाइकें अक्सर ग्राहक की मांग के अनुसार भी चोरी की जाती थीं। गिरोह के सदस्य कुछ दिनों तक बाइकें छुपाकर रखते और बाद में खरीदने वाले लोगों को बेच देते।

रकम का इस्तेमाल और खरीदारों की सूची

गिरफ्तार अपराधियों ने यह भी कबूल किया कि चोरी की मोटरसाइकिल बेचकर प्राप्त राशि को आपस में बांटकर कपड़ा, मोबाइल, नशा-पान जैसी आवश्यकताओं में खर्च करते थे। इनसे पूछताछ के बाद चोरी की बाइकें खरीदने वालों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें बादल सिंह मुंडा, कमलेश कुमार महतो, क्लिंटन कच्छप उर्फ चुस्की, रोहित सइस, जयदेव महतो, करण गोस्वामी, विनोद महतो, मनोज उरांव और सत्यम महतो शामिल हैं।

अब तक की बरामदगी

गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर अब तक की छापामारी में 22 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इनमें 3 बुलेट, 10 पल्सर, 4 अपाचे, 2 स्कूटी, 2 यामाहा एव 1 केटीएम समेत चार टचस्क्रीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया अपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में पाया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में रूपेश कुमार सिंह, विनोद कुमार महतो, मनोज उरांव और बादल सिंह मुंडा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नामकुम, सुखदेव नगर, चुटिया, टाटीसिलवे, रातू, बरियातू, अनगड़ा और खरसीदाग थाना क्षेत्रों के कुल 19 पुराने चोरी के मामलों का उद्भेदन इस कार्रवाई से हुआ है।

छापामारी दल में शामिल

इस सफलता में नामकुम थाना के पुलिस अधिकारी प्रवीण कुमार, शशि रंजन, रंजीत कुमार, जयदेव कुमार, चूड़ामणि टुडू (टाटीसिलवे थाना) तथा सहायक उपनिरीक्षक जयप्रकाश कुमार, प्रभुवन कुमार, तारकेश्वर प्रसाद केसरी, संतोष कुमार और उज्जवल कुमार सिंह एवं नामकुम थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी लगातार जारी है।

क्रम संख्या गिरफ्तार आरोेपी थाना क्षेत्र/पता
1 रूपेश कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह उर्फ चिराग कतरास
2 प्रेम कुमार सइस सिल्ली
3 कमलेश कुमार महतो असुरकोड़ा
4 क्लिंटन कच्छप उर्फ चुस्की मुरी
5 जयदेव महतो बालीडीह
6 करण गोस्वामी बालीडीह
7 विनोद कुमार महतो साेनाहातू
8 मनोज उरांव पंडरा
9 सत्यम महतो बरियातू
10 रोहित सइस मुरी
11 रोनित कुमार सिल्ली
12 आयुष महतो सुखदेवनगर
13 करण कुमार महतो सिल्ली
14 बादल सिंह मुंडा मुरी
15 विनोद महतो सिल्ली

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